अंतरराष्ट्रीय छात्र-छात्राओं के लिए दुनिया के सबसे किफायती शहरों की सूची में दिल्ली पहले स्थान पर है। वहीं मुंबई 11वें और बेंगलुरु 15वें स्थान पर है।

छह श्रेणियों में तैयार हुई रिपोर्ट
वहीं इस रिपोर्ट के अनुसार सूची में मुंबई 11वें जबकि बेंगलुरु 15वें स्थान पर है। इस सूची को छह प्रमुख श्रेणियों के तहत विभिन्न संकेतकों के आधार पर तैयार किया गया है। रैंकिंग अलग-अलग संकेतकों के आधार पर पढ़ाई व रहने का खर्च, रोजगार के अवसर, विश्वविद्यालयों की स्थिति, शहर का आकर्षण, छात्रों की राय और विविधता जैसी छह प्रमुख श्रेणियों में तय की गई है। इन सभी श्रेणियों को समान महत्व दिया गया और इनके तहत कुल 150 शहरों का मूल्यांकन किया गया।
हर हिसाब से बेहतर केंद्र
खर्च की किफायत के मामले में भारत को स्पष्ट प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त हासिल है। रिपोर्ट में कहा गया कि अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों और उनके माता-पिता के लिए कम खर्च सबसे अहम कारकों में से एक बना हुआ है और इसी मामले में भारतीय शहर दुनिया के लगभग हर बड़े शिक्षा केंद्र से बेहतर साबित होते हैं।
बड़े देशों की तुलना में फीस कम
रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिटेन, अमेरिका, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया के बड़े शहरों की तुलना में भारत में पढ़ाई की फीस कम है, रहने का खर्च भी कम पड़ता है। रिपोर्ट कहती है कि इससे विद्यार्थियों और उनके माता-पिता को गुणवत्ता से समझौता किए बिना कम खर्च में पढ़ाई का मौका मिलता है, लंबे समय के शिक्षा ऋण पर निर्भरता घटती है और नौकरी मिलने की बेहतर संभावना के कारण पढ़ाई पर किया गया खर्च अच्छी तरह वसूल हो जाता है।
