दिल्ली के गीतांजलि एन्क्लेव में नाला टूटने से सैकड़ों लोग बेघर हो गए हैं, उनके घरों में पानी भर गया है। लोगों को अपने बच्चों के पढ़ाई के दस्तावेज और जमीन के कागजात की चिंता सता रही है, जो मकानों के अंदर ही रह गए हैं।

राहत कैंप पर किया हंगामा
बता दें कि लोगों ने एक दिन पहले इसे लेकर एमसीडी स्कूल पर बने राहत कैंप पर हंगामा भी किया था। लोग सड़क पर धरना देने की कोशिश में जुटे थे, लेकिन एन वक्त पर डीएम साउथ वेस्ट चैतन्य प्रसाद, एसीपी नजफगढ़ महेश नारायण आदि पुलिस ऑफिसर ने पहुंचकर मोर्चा संभाला। लोगों को किसी तरह समझा बुझाकर शांत करवाया। शनिवार को प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने उस नाले का जायजा मोटर बोट के जरिए लिया, जिसके टूटने से गीतांजलि एन्क्लेव और आसपास का एरिया पानी में डूब गया है।
प्रशासन ने मदद की बात कही लेकिन…
गली नंबर 6 में रहने वाली कुसुम देवी का कहना है कि परिवार में 5 लोग हैं। जो कपड़ा पहनकर आए थे, वही साथ में है। हम लोगों की रोजी रोटी का सवाल है, यहां खाना तो मिल रहा है। लेकिन हम लोगों का क्या होगा, यह समझ में नहीं आ रहा है ? प्रशासन ने मदद की बात कही है, लेकिन बाद में क्या होगा।
कम होने की बजाय बढ़ रहा पानी
शीला देवी ने बताया कि पानी कम होने की बजाय बढ़ रहा है। सारा सामान तो घर के अंदर ही रह गया है। घर धंसने का डर है। स्कूल, कॉलेज के सर्टिफिकेट, जमीन के कागजात सब अंदर ही रह गए हैं। सब कुछ बर्बाद हो रहा है।
आगे क्या होगा पता ही नहीं
चम्पा देवी का कहना है कि हम लोग घर से बेघर हो गए हैं। घर में पानी और कीड़े भरे हुए हैं। बेटी की शादी के लिए सामान इकट्ठा किया था, सब पानी में खराब हो रहा है। यहां तो सब लोग पेट पाल रहे हैं। आगे क्या होगा पता ही नहीं चल रहा है।
