दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जिला राजस्व कार्यालयों में ‘जन सुनवाई’ शिविरों को प्रभावी बनाने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने साप्ताहिक सुनवाई में अधिकारियों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने और अनुपस्थित रहने वालों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली के लोगों की समस्याओं का समाधान उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) की ओर से जारी बयान के अनुसार, उन्होंने कहा कि जन सुनवाई शिविरों को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा ताकि ये महज औपचारिकता न रह जाएं और सरकार और जनता के बीच सीधे संवाद का माध्यम बन सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारियों को यह समझना चाहिए कि उनकी उपस्थिति जनता के प्रति उनकी जवाबदेही का हिस्सा है और इसे किसी भी परिस्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री के कड़े निर्देशों के बाद, संभागीय आयुक्त द्वारा इन शिविरों में नामित अधिकारियों की अनिवार्य उपस्थिति के लिए एक नया आदेश जारी किया गया है।
जिलों में जन सुनवाई शिविरों में अब नामित अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है। इसमें कहा गया है, ‘यदि कोई नामित अधिकारी उपस्थित नहीं हो पाता है, तो उसे संबंधित जिला मजिस्ट्रेट से पूर्व अनुमति लेनी होगी। बिना अनुमति के अनुपस्थित रहने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।’