दिल्ली में बाइक सवार लड़कों ने एक बुजुर्ग महिला को टक्कर मारी। उनकी गंभीर हालत को देखते हुए युवक उन्हें अस्पताल छोड़ने गए। हालांकि, फिर वहां से फरार हो गए। जानें हिट एंड रन का मामला।

बाइक सवार लड़कों ने बुजुर्ग महिला को टक्कर मारी
पुलिस सूत्र ने बताया, घटना 25 जनवरी 2026 की देर शाम करीब 7:30 बजे की है। झिलमिल कॉलोनी में रहने वालीं उमा घरेलू सहायिका का काम करती थीं। हादसे के बाद उन्हें बेहोशी की हालत में ईएसआई अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें जीटीबी अस्पताल रेफर कर दिया गया। उपचार के दौरान 28 जनवरी को महिला ने दम तोड़ दिया।
अस्पताल छोड़ने के बाद हुए फरार
उमा के परिजनों ने किसी पर संदेह नहीं जताया था। अस्पताल में इलाज के दौरान हल्का होश आने पर महिला ने भी कथित तौर पर गिरने की बात कही थी, जिसके चलते पुलिस इसे सामान्य रूप से गिरकर चोट लगने और फिर मौत का मामला मान रही थी, मगर मौत के बाद जब पुलिस ने गहराई से तफ्तीश की तो एक अहम गवाह सामने आया।
चश्मदीद का बयान बना आधार
विवेक विहार स्थित डोसा फैक्ट्री के पास कॉफी स्टॉल चलाने वाले कृष सागर ने पुलिस को बताया कि उसने अपनी आंखों से दुर्घटना देखी थी। एक काले रंग की स्प्लेंडर बाइक के चालक ने लापरवाही और तेज रफ्तार से चलाते हुए महिला को जोरदार टक्कर मारी थी। बाइक पर दो लोग सवार थे, जिन्होंने भीड़ के दबाव में महिला को ई-रिक्शा से अस्पताल पहुंचाया, लेकिन बाद में मौके से अपनी बाइक लेकर फरार हो गए।
इसके बाद पुलिस ने गुरुवार को आरोपी बाइक सवारों के खिलाफ धारा 281 (लापरवाही से वाहन चलाना) और 106 (लापरवाही से मौत का कारण बनना) BNS के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अब आसपास के सीसीटीवी फुटेज और गवाह की मदद से आरोपियों की तलाश कर रही है।
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फ्रैंचाइजी देने के नाम पर लगा दिया चूना
दिल्ली में साइबर ठगी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला पूर्वी दिल्ली के शकरपुर इलाके से सामने आया है, जहां एक शख्स को नामी कंपनी की फ्रैंचाइजी देने के नाम पर हजारों रुपये का चूना लगा दिया गया। करीब 10 महीने बाद पूर्वी जिले की साइबर पुलिस ने मामले में धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।
ठगों ने पीड़ित को दिया झांसा
पुलिस सूत्र ने बताया कि 46 वर्षीय पीड़ित शकरपुर इलाके में रहते हैं। उन्होंने 15 मार्च 2025 को ऑनलाइन एक फ्रैंचाइजी फॉर्म भरा था। इसके बाद उन्हें विशाल तिवारी और अविनाश कुमार नाम के लोगों के फोन आए, जिन्होंने खुद को Tata 1MG का कर्मचारी बताया। ठगों ने पीड़ित का भरोसा जीतने के लिए आधिकारिक दिखने वाली ईमेल आईडी (care@tatalnigstockiststore.com) से दस्तावेज और एग्रीमेंट भेजे। ठगों ने पीड़ित को झांसा दिया कि उनकी साइट अप्रूव हो गई है और ‘सिक्योरिटी डिपॉजिट’ के रूप में 55 हजार रुपये जमा करने होंगे। बैंक ऑफ महाराष्ट्र में गोपी कुमार के खाते में पैसे ट्रांसफर करने के बाद आरोपियों ने उनसे 1,53,800 रुपये और मांगने शुरू कर दिए।
गुड़गांव ऑफिस पहुंचने पर खुला राज
आरोपी ने जब और रुपये मांगे तो पीड़ित को उन पर संदेह हुआ। इस कारण उन्होंने कंपनी के गुड़गांव स्थित मुख्यालय जाकर पूछताछ की। जहां खुलासा हुआ कि इस नाम का उनका कोई कर्मचारी नहीं है और न ही ऐसी कोई फ्रैंचाइजी योजना चल रही है। पीड़ित को एहसास हुआ कि उनके साथ फर्जी इनवॉइस और एग्रीमेंट के जरिए साइबर धोखाधड़ी हुई है। उन्होंने पुलिस में इसकी शिकायत की। जिस पर अब कल केस दर्ज किया गया है।
