दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के मेंबर वकीलों से AIIMS को डोनेशन देने की अपील की है। इससे एम्स की तरफ से उन मरीजों, अटेंडेंट और उनके परिवार वालों को रहने की जगह मिल सकेगी जो कड़ाके की ठंड में अस्पताल के बाहर सोने को मजबूर हैं।

बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने जताई सहमति
दिल्ली हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सीनियर एडवोकेट एन हरिहरण कोर्ट के सामने वर्चुअली पेश हुए। एन हरिहरण ने बार की तरफ से इसमें योगदान के लिए सहमति जताई। कोर्ट को यह भी बताया कि पंजाब संकट के लिए उन्होंने कुछ फंड जुटाया था, जिसमें से कुछ पैसा अभी उनके पास है। एम्स को इस काम के लिए पुराने फंड को तत्काल रिलीज किया जा सकता है।कोर्ट ने कहा कि हम एम्स एडमिनिस्ट्रेशन की कोशिशों की सराहना करते हैं, खासकर इसके एडिशनल डायरेक्टर (एडमिनिस्ट्रेशन) की तरफ से दिखाए गए जोश की। कोर्ट ने कहा कि बेघर लोगों को होने वाली समस्याओं को दूर करने के लिए सभी स्टेकहोल्डर्स ने कोशिशें की हैं और अधिकारियों और सिविक एजेंसियों की सराहना की। कोर्ट ने एजेंसियों के नोडल अधिकारियों को निर्देश दिया कि जहां भी नाइट शेल्टर में कोई कमी है, उसे तुरंत ठीक किया जाए और जरूरी कदम उठाए जाएं।
स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश
कोर्ट ने कहा कि हमें लगता है कि पिछले दो दिनों में हालात बेहतर हुए हैं, लेकिन एजेंसियों के नोडल अधिकारियों और बड़े अधिकारियों से लगातार नजर रखने की उम्मीद है। हम एजेंसियों की कोशिशों की तारीफ करते हैं। अदालत ने कहा, हमें भरोसा है कि तुरंत आने वाली मुश्किलों को दूर करने के लिए जो भी जरूरी होगा, वह किया जाएगा और सही कदम उठाए जाएंगे।
कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट और सेशंस जज 24 जनवरी को एक मीटिंग करें, जिसमें सभी एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। अब इस मामले की सुनवाई 27 जनवरी को होगी। इससे पहले, कोर्ट ने कहा था कि दिल्ली सरकार या उसकी एजेंसियां शीतलहर में बेघर लोगों को आश्रय देने की अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकतीं। बेंच ने निर्देश दिया था कि अस्पतालों के आसपास के सबवे को आज शाम तक DUSIB अपने कब्जे में ले ले ताकि अधिक से अधिक बेड और सुविधाओं के साथ जरूरी इंतजाम किए जा सकें।
