उत्तर-पूर्वी दिल्ली की मंडोली जेल में बंद 35 वर्षीय विचाराधीन कैदी आजाद की बेहोशी की हालत में जीटीबी अस्पताल ले जाने के बाद मौत हो गई। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित किया और शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। परिजनों ने जेल कर्मचारियों पर मारपीट का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।

पुलिस के अनुसार, गुरु तेग बहादुर (जीटीबी) अस्पताल से सूचना मिली कि मंडोली जेल से एक विचाराधीन कैदी को बेहोशी की हालत में अस्पताल में लाया गया है।
इस संबंध में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शव को अस्पताल के शवगृह में रखा गया है और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।’ उन्होंने कहा कि जांच की कार्यवाही शुरू कर दी गई है।
24 फरवरी को हुए झगड़े में हुए थे शामिल
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आजाद कथित तौर पर 24 फरवरी की रात जेल के अंदर हुए झगड़े में शामिल था। उसे हाल ही में उसके मामले के सिलसिले में कड़कड़डूमा की एक अदालत में पेश किया गया था और उसने शनिवार देर रात अपने परिवार के सदस्यों से भी बात की थी। उसके परिजनों ने आरोप लगाया कि जेल के अंदर उसके साथ मारपीट की गई। उन्होंने दावा किया कि वार्ड के कुछ कर्मचारियों ने उसे पीटा, जिससे उसकी मौत हो गई। उन्होंने इस घटना की कड़ी कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
कैदियों और कर्मचारियों के दर्ज किए जाएंगे बयान
सूचना मिलने पर पुलिस की एक टीम अस्पताल पहुंची और शव को शवगृह भिजवा दिया। इस संबंध में जेल अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है और जांच के तहत कैदियों तथा कर्मचारियों के बयान दर्ज किए जाने की संभावना है। पुलिस ने कहा कि जांच जारी है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारण का पता चलेगा।
