दिल्ली के शालीमार बाग इलाके में एक टूरिस्ट बस में आग लगने की सूचना सामने आई है। हालांकि अभी किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है।

बता दें कि हाल ही में केंद्र सरकार ने स्लीपर कोच बसों की सुरक्षा को लेकर एक बहुत बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा की है कि अब स्लीपर बसों का निर्माण केवल केंद्र सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त कंपनियां ही कर सकेंगी। पिछले कुछ समय में हुई बस दुर्घटनाओं और उनमें लगी आग की घटनाओं को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
पिछले 6 महीनों में स्लीपर कोच बसों में आग लगने की 6 बड़ी घटनाएं हुई हैं, जिनमें 145 लोगों ने अपनी जान गंवाई है। इन हादसों की जांच में पाया गया कि बसों की बनावट और सुरक्षा उपकरणों में भारी कमियां थीं। इसी को देखते हुए सरकार ने तत्काल प्रभाव से सुरक्षा मानकों को सख्त कर दिया है।
सड़क पर चल रही मौजूदा स्लीपर बसों को भी अब सुरक्षित बनाना अनिवार्य होगा।
- आग का पता लगाने वाला सिस्टम (Fire Detection System) – जो आग लगते ही चेतावनी दे सके।
- हथौड़े के साथ इमरजेंसी एग्जिट – खिड़की तोड़ने के लिए हर इमरजेंसी गेट पर हथौड़ा होना चाहिए।
- इमरजेंसी लाइट – हादसे के समय अंधेरा होने पर रास्ता दिखाने के लिए।
- ड्राइवर अलर्ट सिस्टम – जो ड्राइवर को नींद या सुस्ती आने पर चेतावनी दे।
