दिल्ली जल बोर्ड (DJB) में कर्मचारियों की भारी कमी हो गई है, जिससे पानी सप्लाई और सीवेज सिस्टम के सुचारू संचालन पर खतरा मंडरा रहा है, जिसका सीधा असर दिल्ली की जनता पर पड़ेगा।

ग्रुप A यानी बड़े अधिकारियों की बात करें तो, 67 मंजूर पोस्टों में से सिर्फ 41 भरी हुई हैं। बड़े फैसले लेने वाले अधिकारियों की कमी से नीतियों को लागू करने और कामों की देखरेख पर असर पड़ सकता है। ग्रुप B में भी हालत चिंताजनक है। ये अधिकारी मिडिल लेवल के एडमिनिस्ट्रेशन और टेक्निकल कामों को संभालते हैं। 715 मंजूर पोस्टों में से केवल 441 भरी हुई हैं।
सबसे बड़ी कमी ग्रुप C में है। इसमें वो कर्मचारी आते हैं जो रोजाना पानी सप्लाई और सीवेज सिस्टम की देखरेख का काम करते हैं। 2,478 मंजूर पोस्टों में से 1,310 खाली हैं। कुल मिलाकर, इन तीनों ग्रुपों में DJB की 3,260 पोस्टें मंजूर हैं, लेकिन अभी सिर्फ 1,650 भरी हुई हैं।
हालांकि, DSSSB ने जूनियर इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल) की 50 पोस्टों के लिए परीक्षा पूरी कर ली है। रिजल्ट का इंतजार है। जूनियर इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल) की ही 50 और पोस्टों के लिए नोटिफिकेशन भी जारी हो चुका है। एक अधिकारी ने बताया कि कर्मचारियों की इतनी ज्यादा कमी की वजह से बोर्ड के काम पर असर पड़ रहा है। खासकर गर्मियों में जब पानी की मांग बढ़ जाती है, तो मौजूदा कर्मचारियों पर बोझ बढ़ जाता है। इससे काम में देरी होती है और लोगों को सेवाएं मिलने में परेशानी होती है।
