दिल्ली पुलिस ने करोड़ों की ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। स्पेशल सेल की IFSO यूनिट ने ताइवानी मास्टरमाइंड सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह अवैध सिम बॉक्स नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहा था। अब तक यह गिरोह करीब 100 करोड़ रुपये की ठगी कर चुका है।

पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह अब तक करीब 100 करोड़ रुपये की साइबर ठगी कर चुका है। जांच से पता चला कि SIMBOX डिवाइस विशेष रूप से चीन सपोर्टिव ताइवानी नागरिक द्वारा सप्लाई, इंस्टॉल और टेक्निकली कॉन्फिगर किए जा रहे थे।
स्कैमर बन टीम ने विदेशी हैंडलर से की बात
टीम ने जानबूझकर खुद को स्कैमर बनकर विदेशी हैंडलर के साथ एन्क्रिप्टेड ऑनलाइन बातचीत शुरू की। धीरे-धीरे उसका भरोसा जीता। उसे यह भी यकीन दिलाया कि भारत में उसका SIMBOX नेटवर्क अच्छे से चलाया जाएगा। ज्यादा आत्मविश्वास और इस बात से अनजान कि उसकी हर डिजिटल एक्टिविटी पर कड़ी नजर है, वह IFSO के जाल में फंस गया। मास्टरमाइंड आई-त्युंग चेन है। जो सिम बॉक्स सेटअप के लिए भारत आता था।
5000+ IMEI प्रभावित
डीसीपी विनीत कुमार के मुताबिक, आरोपियों की गिरफ्तारी से पता चला कि नरेला और निहाल विहार में 2 बड़े अवैध SIMBOX चल रहे थे। नैशनल साइबर फोरेंसिक लैब, NCFL (I) की मदद से 5000 से ज्यादा कॉम्प्रोमाइज्ड IMEI नंबर और लगभग 20,000 ई सिम कार्ड और मोबाइल नंबर सीधे इस एक क्रिमिनल मॉड्यूल में एम्बेडेड थे, जो भारत के कम्युनिकेशन नेटवर्क को बाइपास करके बनाया गया था। मास्टर माइड अवैध रूप से SIMBOX डिवाइस की भारत में तस्करी करता था।
कहां के हैं आरोपी ?
आरोपियों की पहचान गोयल डेयरी, कुतुब बिहार निवासी शशि प्रसाद, शाहबाद डेयरी निवासी परविंदर सिंह, ताइवानी नागरिक 30 वर्षीय आई-त्सुंग चेन, पंजाब के मोहाली निवासी बीटेक इंजीनियर सरबदीप सिंह, डिप्लोमा होल्डर जसप्रीत कौर, तमिलनाडु के कोयंबटूर निवासी दिनेश के. और मुंबई के मलाड निवासी अब्दुल सलाम के तौर पर हुई है।
