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दिल्ली में आवारा कुत्तों की संख्या को मैनेज करने के लिए दिल्ली नगर निगम ने नया प्लान बनाया है। इसके तहत कुत्तों में माइकोचिप लगाने के साथ ही उनका वैक्सीनेशन भी किया जाएगा। एमसीडी की तरफ से इसके लिए 35 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जाएगा।

नगर निगम खर्च करेगा 20 करोड़
अधिकारियों के मुताबिक, इस राशि में से 20 करोड़ रुपये नगर निगम सीधे खर्च करेगा, जबकि शेष 15 करोड़ रुपये पशु कल्याण के क्षेत्र में काम करने का अनुभव रखने वाले गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) के साथ साझेदारी के माध्यम से खर्च किए जाएंगे। अधिकारियों ने कहा, “एनजीओ के साथ यह तालमेल आवारा कुत्तों के टीकाकरण और उनकी निगरानी के लिए जरूरी जमीनी कामकाज का दायरा बढ़ाने और उसे तेज़ करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।”
2-3 महीनों में 25 हजार कुत्तों में माइक्रोचिप
अधिकारियों ने बताया कि निगम ने अगले 2-3 महीनों में दिल्ली में कम से कम 25,000 कुत्तों पर माइक्रोचिप लगाने और टीकाकरण का लक्ष्य भी तय किया है।
उन्होंने कहा, “माइक्रोचिप से टीकाकरण का रिकॉर्ड, स्थान और पहचान जैसी अहम जानकारियां दर्ज की जा सकेंगी, जिनका इस्तेमाल आगे चलकर स्वास्थ्य की निगरानी करने और कुत्तों के काटने या बीमारी के प्रकोप जैसी स्थितियों में त्वरित कदम उठाने के लिए किया जा सकेगा।” उन्होंने यह भी बताया कि एक माइक्रोचिप की लागत लगभग 300 रुपये होगी।
6500 बंदरों को असोला भेजा गया
निगम मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के प्रयास के तहत बंदरों को पकड़ने और उनका स्थानांतरण करने के लिए 60 लाख रुपये के प्रावधान की भी योजना बना रहा है। एक अधिकारी ने कहा कि हमने पिछले साल की तुलना में बंदरों को पकड़ने और उनका स्थानांतरण करने के लिए आवंटित राशि को दोगुना कर दिया है।”
दिल्ली सरकार ने हाल में कहा था कि पिछले पांच वर्षों में विभिन्न आवासीय और व्यावसायिक इलाकों से नगर निकायों द्वारा 6,500 से अधिक बंदरों को असोला-भाटी वन्यजीव अभयारण्य में स्थानांतरित किया गया है। नगर निगम के अनुसार, 2026-27 के बजट में पशु चिकित्सा सेवाओं के लिए 131.06 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।