दिल्ली सरकार निर्माण श्रमिकों के लिए कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू कर रही है। यह कार्यक्रम दिल्ली बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड के तहत पंजीकृत लाखों श्रमिकों के लिए होगा।

सरकार ने शुरू की चयन प्रकिया
सरकार ने कंस्ट्रक्शन वर्कर ट्रेनिंग प्रोग्राम के लिए कंपनी की चयन प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। करीब एक वर्कर पर 5880 रुपये का खर्च आएगा। दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि पहले तीन साल में कुल 1.20 लाख से अधिक कंस्ट्रक्शन वर्कर के लिए यह प्रोग्राम होगा।
दो जगह दी जाएगी वर्करों को ट्रैनिंग
ट्रेनिंग से उनके कामकाज पर कोई असर न पड़े, इसलिए वर्कप्लेस (उनके काम करने वाली जगह) व कैंप दोनों जगहों पर ट्रेनिंग दी जाएगी। अगर वह अपने वर्क प्लेस वाली जगह पर ट्रेनिंग लेते हैं तो उन्हें रोजाना लंच टाइम में एक घंटे का समय देना होगा। अगर इस दौरान उनके मजदूरी पर असर पड़ता है तो उन्हें सरकार की तरफ 35 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से भुगतान भी किया जाएगा।
क्या है उद्देश्य
सरकार के इस ट्रेनिंग प्रोग्राम का मकसद उनके काम की गुणवत्ता में सुधार लाकर उनकी आमदनी को बढ़ाना है। योजना के मुताबिक, स्किल ट्रेनिंग प्रोग्राम 120 घंटे या फिर 15 दिन का होगा। यह उस वर्कर की नौकरी के हिसाब से तय होगा। अगर वह जहां काम करता है उसी जगह पर ट्रेनिंग करता है तो उसे 1 घंटे रोजाना ट्रेनिंग के लिए देना पड़ेगा।
ट्रैनिंग पूरी होने के बाद दिया जाएगा सर्टिफिकेट
उसके अलावा 7 घंटे की प्रेक्टिकल ट्रेनिंग भी शामिल है। उसी तरह अगर वह कैंप में आकर ट्रेनिंग लेता है तो 1.5 घंटे की ट्रेनिंग होगी और 6.5 घंटे का प्रेक्टिकल होगा। प्रत्येक बैच में कम से कम 20 व अधिकतम 50 लोग ही शामिल होंगे। ट्रेनिंग पूरी करने के बाद उसका 8 घंटे का एक असेसमेंट टेस्ट भी होगा, जिसके बाद उसे सर्टिफिकेट भी जारी किया जाएगा।
