मुखर्जी नगर के पास एक वकील पर रोडरेज के दौरान हमला हुआ। एक संकरी गली में कार रोकने को लेकर हुई कहासुनी के बाद पांच से छह लोगों ने वकील और उनके दोस्त को डंडों से पीटा। दोनों को चोटें आईं। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है और आरोपियों की तलाश जारी है।

उत्तर प्रदेश के नोएडा एक्सटेंशन निवासी 29 वर्षीय शिकायकर्ता ने पुलिस को बताया कि एक संकरी गली में उनकी कार को काले रंग की एक ‘थार’ द्वारा रोके जाने को लेकर हुई कहासुनी के बाद उनपर हमला किया गया।
थार चालक ने रास्ता को की गालीगलौज
प्राथमिकी के अनुसार, ‘मैं एक मुवक्किल से मिलने मुखर्जी नगर गया था और अपनी एसयूवी चला रहा था, तभी एक मोड़ पर हरियाणा पंजीकरण नंबर वाली काले रंग की थार अचानक मेरे वाहन के सामने रुक गई।’ वकील ने दावा किया कि ‘थार’ ने उनकी कार का रास्ता पूरी तरह से रोक दिया था और लगभग पांच मिनट तक इंतजार करने के बाद, वह किसी तरह अपनी कार को दाहिनी ओर से निकालने में कामयाब रहे, जिसके बाद थार चालक उन्हें गालियां देने लगा।
शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया, ‘जब मैं अपनी कार से उतरा और गाली-गलौज का विरोध किया, तो थार के चालक ने मुझे जान से मारने की धमकी दी। जब मैंने उससे कहा कि मैं पुलिस को बुलाऊंगा, तो आरोपी ने अपनी गाड़ी की खिड़कियां बंद कर लीं, फोन पर बात की और थोड़ी दूर आगे जाकर रुक गया और फिर से गाली-गलौज करने लगा।’
थार चालक ने की मारपीट
शिकायतकर्ता ने बताया कि तब तक घटनास्थल पर भीड़ एकत्र हो चुकी थी और किसी ने उन्हें सलाह दी कि वे उलझें नहीं और पुलिस को सूचना दें। वकील का एक दोस्त भी उस वक्त तक घटनास्थल पर पहुंच चुका था और वे दोनों पुलिस को फोन करने के लिए अपनी कार की ओर वापस जा रहे थे, तभी ‘थार’ चालक अपने पांच-छह साथियों के साथ कथित तौर पर वापस आ गया।
प्राथमिकी के अनुसार, ‘‘उन सभी के पास डंडे थे और उन्होंने अचानक पीछे से हम पर हमला कर दिया। हमलावरों ने हमें जान से मारने के इरादे से डंडे से हमारे सिर पर कई बार वार किए।’’ पीड़ित ने पुलिस को बताया कि उसके सिर में गंभीर चोटें आई हैं। उन्होंने बताया कि उसके दोस्त पर भी हमला किया गया और उसके भी सिर में चोटें आईं।
सदमे में था पीड़ित
पुलिस सूत्रों ने बताया कि सूचना मिलने पर एक पीसीआर वैन मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को इलाज के लिए बाबू जगजीवन राम मेमोरियल अस्पताल ले जाया गया।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि पीड़ितों के बयान दर्ज करने के लिए एक टीम को अस्पताल भेजा गया। अधिकारी ने कहा, ‘‘हमारी टीम वहां पहुंची और पीड़ितों के बयान दर्ज करने की कोशिश की। दर्द और सदमे के कारण पीड़ित अस्पताल में बयान देने में असमर्थ थे। लेकिन शिकायतकर्ता 26 जनवरी को मुखर्जी नगर पुलिस थाना पहुंचे और अपना बयान दर्ज कराया।’’
उन्होंने बताया कि शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 126(2) (गलत तरीके से रोकना) और 3(5) (साझा मकसद) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। अधिकारी ने कहा, ‘‘आरोपियों को पकड़ने के लिए हमने टीम गठित कर सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू कर दी है।’’
उन्होंने बताया कि मामले की जांच जारी है।
