दिल्ली सरकार बाहरी राज्यों से आने वाली गाड़ियों के कारण होने वाले जाम को खत्म करने की योजना बना रही है। साउथ-वेस्ट दिल्ली में 56 प्रतिशत गाड़ियां आती हैं। इसके लिए 100 फुटा रोड पर फ्लाईओवर बनेगा। नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली में 18 प्रतिशत गाड़ियों के लिए 20 किमी लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर बनेगा।

इसलिए साउथ दिल्ली में सरकार ने 100 फुटा रोड पर पर करीब 2.5 किमी लंबे फ्लाईओवर को बनाने का प्लान बनाया है। इसके अलावा नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली को जाम फ्री करने के लिए मुनक नहर से इंद्रलोक मेट्रो स्टेशन तक 20 किमी लंबा एलिवेटेड फ्लाईओवर निर्माण का प्लान है।
दिल्ली में बड़ी संख्या में आती है बाहरी गाड़ियां
पीडब्ल्यूडी अफसरों के अनुसार, पूरे दिल्ली को जाम फ्री करने की प्लानिंग बनाई जा रही है। कुछ समय पहले केंद्र सरकार ने एक सर्वे कराया था, जिसमें देखा गया कि दिल्ली के किस हिस्से में कितने प्रतिशत गाड़ियों की एंट्री होती है और दिल्ली के ट्रैफिक पर कितना असर पड़ता है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि सबसे अधिक गाड़ियों की एंट्री दिल्ली के साउथ-वेस्ट हिस्से से होती है। साउथ वेस्ट दिल्ली को डीकन्जेस्ट करने के लिए नेशनल हाइवे-10 और नेशनल हाइवे-8 है। इसके अलावा शिव मूर्ति से द्वारका एक्सप्रेसवे तक 5 लेन की रोड बनाई जा रही है। इसके अलावा भी एनएच-10 और एनएच-8 के बीच के हिस्से में फ्लाईओवर, अंडरपास और फुट ओवरब्रिज निर्माण की जरूरत है।
साउथ दिल्ली से कितनी गाड़ियां
साउथ दिल्ली से गाड़ियों की एंट्री 16% है। इधर पुराना NH-2 है, जो NH-19 और NH-44 का हिस्सा है। यह कॉरिडोर दिल्ली-आगरा हाइवे का हिस्सा है जो सरिता विहार, बदरपुर बॉर्डर होते हुए निकलता है। इस हिस्से को जाम फ्री करने के लिए वर्तमान में छतरपुर के पास 100 फुटा रोड पर ढाई किमी लंबे फ्लाईओवर का प्लान है। नॉर्थ वेस्ट दिल्ली की ओर हरियाणा, पंजाब और जम्मू-कश्मीर से 18% गाड़ियों की एंट्री होती है। इस हिस्से को जाम फ्री करने के लिए मुनक नहर पर 20 किमी लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर का प्लान किया गया है।
