प्रवर्तन निदेशालय ने इंदरजीत सिंह यादव और उसके साथियों के ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई की है। सर्वप्रिय विहार और वेस्टएंड ग्रीन फार्म्स में तलाशी के दौरान करोड़ों रुपये की नकदी, सोने-हीरे के गहने और संपत्ति के दस्तावेज जब्त किए गए हैं। यह कार्रवाई अवैध वसूली और अपराध की आय छिपाने के आरोपों के बाद हुई है।

प्रारंभिक जांच में पता चला है कि सुनील गुप्ता ने पहले अमन कुमार को ऋण दिया था, जो इंदरजीत सिंह का साथी है। ईडी की जांच के बाद अमन कुमार ने सुनील गुप्ता को बड़ी रकम स्थानांतरित कर अपराध की आय को छिपाने की कोशिश की थी। वेस्टएंड ग्रीन फार्म्स में सुनील गुप्ता के ठिकानों से अब तक 1.22 करोड़ रुपए नकद और लगभग 8.50 करोड़ रुपए के गहने जब्त किए जा चुके हैं।
इससे पहले ईडी ने बताया था कि इंदरजीत सिंह यादव, उसके सहयोगियों, अपोलो ग्रीन एनर्जी लिमिटेड तथा उससे जुड़ी अन्य संस्थाओं/व्यक्तियों के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत तलाशी अभियान चलाया गया था।
इंदरजीत सिंह यादव पर अवैध वसूली का आरोप
ईडी की जांच के अनुसार, इंदरजीत सिंह यादव पर अवैध वसूली, निजी फाइनेंसरों से जबरन ऋण निपटान, हथियारों के दम पर धमकी देने और इन गैरकानूनी गतिविधियों से कमीशन कमाने के आरोप हैं। इसी सिलसिले में धन शोधन की जांच शुरू की गई थी।
चार्जशीटों के आधार पर पुलिस ने की कार्रवाई
यह जांच हरियाणा और उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज 15 से अधिक एफआईआर और दाखिल चार्जशीटों के आधार पर शुरू की गई है। ये मामले शस्त्र अधिनियम 1959, बीएनएस 2023 और भारतीय दंड संहिता 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत इंदरजीत सिंह यादव और उसके सहयोगियों के खिलाफ दर्ज हैं।
30 दिसंबर को नई दिल्ली के सर्वप्रिय विहार स्थित अमन कुमार, जिसे इंदरजीत सिंह यादव का सहयोगी बताया जा रहा है, उससे जुड़े एक ठिकाने पर की गई तलाशी के दौरान ईडी को बड़ी बरामदगी हाथ लगी।
