दिल्ली के लोगों के लिए अच्छी खबर सामने आई है। रेखा गुप्ता सरकार ने चंद्रावल में 599 करोड़ रुपये की लागत से 105 एमजीडी क्षमता वाला नया जल शोधन संयंत्र बनाने की घोषणा कर दी है, जो इसी साल शुरू हो जाएगा। यह परियोजना राजधानी में पानी की समस्या को दूर करेगी और पानी की बर्बादी को कम करेगी।

आगामी गर्मियों के मौसम के दौरान राजधानी की जलापूर्ति को और प्रभावी बनाने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को जल बोर्ड की समीक्षा बैठक बुलाई। दिल्ली सचिवालय में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में दिल्ली के जलमंत्री श्री प्रवेश साहिब सिंह व विभाग के आला अधिकारी उपस्थित थे। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने बताया कि चंद्रावल का नया जल शोधन संयंत्र शुरू होने से राजधानी की जल आपूर्ति व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
उन्होंने जानकारी दी कि इस परियोजना के द्वारा वितरित किया जाने वाला जल लगभग 92 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को कवर करेगा, जो दिल्ली के कुल क्षेत्रफल का लगभग 6.20 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूरा होने से पानी की लीकेज, तकनीकी नुकसान आदि में उल्लेखनीय कमी आएगी, जिससे जल आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार होगा और लोगों को अधिक स्वच्छ पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।
करोड़ों रुपये की लागत से पाइप लाइनें भी बदली जाएंगी
योजना के तहत 1331 करोड़ रुपये की लागत से पानी की सप्लाई व घरों तक पहुंचाने वाली पाइप लाइनों को भी बदला जा रहा है। नौ विधानसभा क्षेत्रों के अंतर्गत इन लाइनों में वेस्ट, ईस्ट और मध्य चंद्रावल क्षेत्र नामित तीन वितरण परियोजनाओं में से दो परियोजनाओं को हाल ही में अवार्ड किया गया है। इनमें करोल बाग, सिविल लाइंस, कमला नगर, मलकागंज, शादीपुर, पटेल नगर, शास्त्री नगर, नारायणा, जखीरा, न्यू राजेंद्र नगर, हिंदूराव, ईदगाह, झंडेवालान, रिज रोड, रामलीला ग्राउंड और सुभाष पार्क जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को कवर किया जाएगा।
साथ ही इनमें सभी यूजीआर के सुदृढ़ीकरण, मीटर लगाने, कॉन्टमिनेशन रोकने, शिकायत समाधान केंद्र खोलने के भी कार्य सम्मिलित होंगे। इनसे इन क्षेत्रों में नॉन रेवेन्यू वाटर को तीन वर्ष के भीतर 30-45 प्रतिशत से कम करके 15 प्रतिशत से नीचे लाने का लक्ष्य रखा गया है जिससे जल की हानि कम होगी और जनता को ज्यादा जल उपलब्ध होगा। इन बदले जानी वाली पाइप लाइनों के रखरखाव आदि के लिए 12 वर्ष का एग्रीमेंट होगा, जिसकी लागत अलग से होगी।
दिल्ली के बड़े हिस्से को जलापूर्ति देगा चंद्रावल संयंत्र
चंद्रावल जल शोधन संयंत्र परियोजना दिल्ली की करीब 11 प्रतिशत आबादी को कवर करती है। इस परियोजना से मॉडल टाउन, सदर बाजार, चांदनी चौक, मटिया महल, बल्लीमारान, करोल बाग, पटेल नगर, राजेंद्र नगर और आर. के. पुरम विधानसभा क्षेत्रों में जलापूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाना है। घनी आबादी वाले इन क्षेत्रों में लंबे समय से पानी की आपूर्ति और दबाव से जुड़ी समस्याएं सामने आती रही हैं।
2012 में स्वीकृत और लापरवाही की भेंट चढ़ी थी परियोजना
चंद्रावल जल शोधन संयंत्र परियोजना को वर्ष 2012 में स्वीकृति दी गई थी। परियोजना के क्रियान्वयन में लंबे समय तक देरी होती रही। पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में बार-बार टेंडर रद्द किए गए और दोबारा आमंत्रित किए गए, जिससे काम आगे नहीं बढ़ सका। इसके साथ ही जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जाइका) के दिशा-निर्देशों का समुचित पालन नहीं होने के कारण फंडिंग में भी विलंब हुआ।
इन सभी कारणों से परियोजना की लागत में अतिरिक्त 400 करोड़ रुपये की बेतहाशा वृद्धि हो गई। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में जाइका और भारत सरकार से समन्वय कर, अतिरिक्त बजट दे कर और तकनीकी बाधाएं दूर कर चंद्रावल जल शोधन संयंत्र और तीन जल वितरण परियोजनाओं को नई गति मिली है।
