दिल्ली सरकार सरकारी स्कूलों को प्राइवेट स्कूलों के समकक्ष लाने के लिए प्रयासरत है, जिसके लिए प्राइवेट स्कूलों के सुझावों को भी शामिल किया जाएगा। शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने बताया कि स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम, AI आधारित लैब्स और आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा। उन्होंने छात्रों को देश के विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

तिरंगा फहराने तक सीमित नहीं देशभक्ति
शिक्षा मंत्री सूद ने कहा कि देशभक्ति केवल तिरंगा फहराने तक सीमित नहीं, बल्कि रोजमर्रा की आदतों और अनुशासन में भी दिखनी चाहिए। जैसे स्वच्छता की आदत, यातायात नियमों का पालन और दूसरों के अधिकारों का सम्मान। शिक्षा मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार शिक्षा के क्षेत्र में कई बड़े परिवर्तन ला रही है।
जल्द मिलेगी ये सुविधाएं
स्कूलों में चार साल में 21 हजार स्मार्ट क्लासरूम तैयार किए जाएंगे। साथ ही, स्कूलों में AI आधारित लैंग्वेज लैब्स और फेशियल रिकग्निशन से अटेंडेंस सिस्टम भी लागू किया जाएगा। पेपर चेकिंग जैसे जटिल कामों में AI का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल किया जाएगा। क्रोमबुक मॉडल से स्कूल टेक्नॉलजी से लैस होंगे।
भारत के सामने कई चुनौतियां
मंत्री सूद ने स्कूल प्रिंसिपल, ट्रस्टी, प्रेजिडेंट, सेक्रेटरी, अभिभावकों और स्टूडेंट्स को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। शिक्षा मंत्री ने स्टूडेंट्स को संबोधित करते हुए कहा कि मॉर्डन स्कूल का 50 साल का यह सफर सिर्फ एक संख्या नहीं, बल्कि उनकी मेहनत, सपनों और मूल्यों से भरी आधी सदी की यात्रा है, उन्होंने कहा कि हमें सोचना होगा कि जब हम स्कूल से शिक्षा पूरी कर जाएंगे, तब हम देश और दिल्ली को क्या लौटाएंगे। आज भारत के सामने जलवायु परिवर्तन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का नैतिक उपयोग जैसी विकट चुनौतियां हैं। इनसे निपटने के लिए नई पीढ़ी को भारतीय मूल्यों और आधुनिकता का संगम बनकर आगे आना होगा।