पूर्वोत्तर के पड़ोसियों पर नस्लीय टिप्पणी करना एक दंपती को अब भारी पड़ गया। अदालत ने दंपती तो 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। बता दें कि 20 फरवरी को किराये के मकान में एसी के मरम्मत कार्य को लेकर हुए विवाद के दौरान रूबी जैन ने अरुणाचल प्रदेश की तीन महिलाओं के खिलाफ कथित तौर पर अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।

20 फरवरी का मामला, एसी मरम्मत के दौरान हुआ था विवाद
मालवीय नगर पुलिस थाने में दर्ज प्राथमिकी की जांच के बाद दंपती को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के अनुसार, 20 फरवरी को किराये के मकान में एसी मरम्मत कार्य को लेकर हुए विवाद के दौरान रूबी जैन ने अरुणाचल प्रदेश की तीन महिलाओं के खिलाफ कथित तौर पर अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। पुलिस ने प्राथमिकी में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा को भी शामिल किया है।पुलिस ने बताया कि शुरू में मामला भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया गया था, जिनमें आपराधिक धमकी, महिला की गरिमा का अपमान और विभिन्न समूहों के बीच वैमनस्य फैलाने से संबंधित आरोप शामिल हैं।
अधिवक्ता ने आरोपी के बचाव में दी ये दलील
आरोपियों की ओर से पेश होते हुए अधिवक्ता गौरव ने दलील दी कि इस मामले में एससी/एसटी अधिनियम के प्रावधान लागू नहीं होते है। उन्होंने कहा कि ये टिप्पणियां ‘‘आवेश में आकर’’ की गई थीं और दंपती ने खेद व्यक्त किया है और माफी मांगी है। इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू और अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कहा है कि पूर्वोत्तर के लोगों पर अत्याचार बर्दाश्त नहीं किया जायेगा और ऐसे किसी भी अपराध को अंजाम देने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी।
