वरिष्ठ पत्रकार और मातृश्री मीडिया के संयोजक दिनेश शर्मा का 13 अगस्त को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। चार दशकों से अधिक लंबे उनके निडर पत्रकारिता जीवन ने मीडिया जगत में गहरी छाप छोड़ी। उनके निधन से पत्रकारिता जगत और समाज में गहरा शोक व्याप्त है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पत्रकार चेतन शर्मा को लिखे शोक संदेश में संवेदना प्रकट की। उन्होंने लिखा, “आपके पिता श्री दिनेश शर्मा जी के निधन के बारे में जानकर मैं अत्यंत दुखी हूं। इस कठिन समय में मेरी संवेदनाएं परिवार के साथ हैं। उनका जाना पत्रकारिता और समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है।”
प्रधानमंत्री मोदी ने दिनेश शर्मा की सच्चाई, सामाजिक सरोकार और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को याद किया। उन्होंने आपातकाल के दौरान दिखाई गई उनकी साहसिकता की भी प्रशंसा की। प्रधानमंत्री ने कहा, “श्री दिनेश शर्मा जी आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी शिक्षाएं और जीवन मूल्य सदैव परिवार और समाज के साथ बने रहेंगे।”
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “श्री दिनेश शर्मा जी पंजाब केसरी के एक प्रतिष्ठित वरिष्ठ पत्रकार थे, जो अपनी निष्ठा, साहस और उच्च आदर्शों के प्रति समर्पण के लिए जाने जाते थे। उनके निधन से पत्रकारिता जगत और समाज ने एक सच्चे पेशेवर और महान इंसान को खो दिया है।”
पंजाब केसरी से लंबे समय तक जुड़े रहे दिनेश शर्मा ने निडर और निष्पक्ष रिपोर्टिंग के जरिए सामाजिक मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। वे 1975 से प्रारंभ किए गए मातृश्री मीडिया अवॉर्ड्स के मुख्य प्रेरक रहे, जिनके जरिए हर वर्ष 25 उत्कृष्ट पत्रकारों को सम्मानित किया जाता है। इन पुरस्कारों में एल.के. आडवाणी, अरुण जेटली, सुषमा स्वराज, राजनाथ सिंह और पंजाब केसरी के अश्विनी कुमार जैसे दिग्गज नेता शामिल होते रहे हैं।
आपातकाल (1975) के दौरान निडर पत्रकारिता करने के कारण शर्मा को जेल भी जाना पड़ा। उनका पत्रकारिता मंत्र उनके अपने शब्दों में था: “लेखनी जो सत्ता की दासी नहीं रही, सरकारी इनामों की भी प्यासि नहीं रही — यह स्वाभिमान जगाती रहेगी और नकाब गद्दारों के उठाती रहेगी।”
दिल्ली के निगम बोध घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहां परिजन, मित्र, पत्रकार साथी और सामाजिक कार्यकर्ता उन्हें अश्रुपूर्ण विदाई देने पहुंचे। पंजाब केसरी की निदेशक किरण चोपड़ा ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा, “दिनेश शर्मा जी का जाना मीडिया जगत के लिए अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है।”