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प्रेगनेंसी को पत्नी ढाल नहीं बना सकती… तलाक पर दिल्ली हाई कोर्ट का आया ये फैसला – Delhi News Daily

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Last updated: November 26, 2025 11:40 am
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दिल्ली हाई कोर्ट ने तलाक के मामले में एक अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि प्रेगनेंसी जीवनसाथी के पिछले क्रूर कृत्यों को मिटा नहीं सकती। हाई कोर्ट ने फैमिली कोर्ट के फैसले को पलट दिया। कोर्ट की ओर से कहा गया कि तलाक एक-दूसरे पर विजय नहीं, बल्कि इस बात की कानूनी मान्यता है कि रिश्ता अब उस मुकाम पर पहुंच गया है जहां से वापसी संभव नहीं है।

Delhi HC
नई दिल्ली: एक पति की तलाक याचिका को स्वीकार करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा है कि अस्थायी सुलह या यहां तक कि गर्भावस्था भी जीवनसाथी के पिछले क्रूर कृत्यों को मिटा नहीं सकती। दिल्ली हाई कोर्ट ने तलाक न देने के पारिवारिक न्यायालय के फैसले को पलट दिया। साथ ही कहा कि क्रूरता का आकलन सुलह के अलग-अलग प्रकरणों के बजाय पूरे परिस्थितियों के आधार पर किया जाना चाहिए।

हाल ही में एक फैसले में, जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल और जस्टिस रेणु भटनागर की पीठ ने सौहार्दपूर्ण संबंधों का अनुमान लगाने के लिए 2019 की शुरुआत में पत्नी के गर्भपात पर बहुत अधिक भरोसा करने के लिए फैमिली कोर्ट की आलोचना की। पीठ ने कहा कि ऐसा अनुमान कानूनी रूप से अस्थिर है। साथ ही गर्भावस्था या अस्थायी सुलह की घटना क्रूरता के पिछले कृत्यों को नहीं मिटा सकती, खासकर जब रिकॉर्ड दर्शाता है कि प्रतिवादी का अपमानजनक आचरण, धमकियां और संबंध बनाने से इनकार उसके बाद भी जारी रहा।

अलग हुए इस जोड़े ने 2016 में शादी की थी और कलह के चलते, पति ने 2021 में अदालत में तलाक की अर्जी दायर की, जिसमें दावा किया गया कि उसके साथ क्रूरता की गई। अदालत ने कहा कि वैवाहिक मुकदमे अक्सर गहरे भावनात्मक घाव छोड़ जाते हैं। तलाक एक-दूसरे पर विजय नहीं, बल्कि इस बात की कानूनी मान्यता है कि रिश्ता अब उस मुकाम पर पहुंच गया है जहां से वापसी संभव नहीं है।

पीठ ने याचिका स्वीकार करते हुए कहा कि दोनों पक्षों से आग्रह है कि वे भविष्य में होने वाली सभी बातचीत में, खासकर भरण-पोषण या अन्य सहायक राहतों से संबंधित किसी भी लंबित या भविष्य की कार्यवाही की स्थिति में, शिष्टाचार बनाए रखें।

पंकज सिंह

लेखक के बारे मेंपंकज सिंहपंकज सिंह, नवभारत टाइम्स डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर हैं। वह 18 साल से अधिक समय से पत्रकारिता से जुड़े हैं। करंट अफेयर्स, राजनीति, और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अच्छा खासा अनुभव है। इस दौरान दिल्ली विधानसभा, रेलवे, लोकसभा चुनाव की रिपोर्टिंग के साथ ही पॉलिटिकल खबरें करते रहे हैं। NBT डिजिटल से पहले आज समाज (इंडिया न्यूज ग्रुप), ETV भारत, आज तक जैसे संस्थानों में कार्य किया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा पूरी करने के बाद प्रतिष्ठित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।… और पढ़ें