साउथ-ईस्ट डिस्ट्रिक्ट एसटीएफ ने मुठभेड़ के बाद लूट, स्नैचिंग और पुलिस पर फायरिंग करने वाले सागर उर्फ माया नामक एक बदमाश को गिरफ्तार किया। मुठभेड़ में माया के पैर में गोली लगी, और उसके पास से चोरी की स्कूटी, पिस्टल और कारतूस बरामद हुए। माया अमर कॉलोनी का घोषित बदमाश है, जिसके खिलाफ 20 से ज्यादा मामले दर्ज हैं।

आरोपी के खिलाफ दर्ज हैं इतने केस
डीसीपी डॉ. हेमंत तिवारी ने बताया कि पकड़ा गया सागर उर्फ माया (23) अमर कॉलोनी का रहने वाला है। वह अमर कॉलोनी का घोषित बदमाश भी है। उसके खिलाफ विभिन्न थानों में 20 से ज्यादा केस दर्ज हैं। डीसीपी के अनुसार 20 सितंबर को आरोपी ने अमर कॉलोनी इलाके में अपने तीन साथियों के साथ लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया था। आरोपी इस मामले में वांछित था।
कालिंदी कुंज आने की मिली थी सूचना
डीसीपी के अनुसार सोमवार रात करीब 11:45 पर एसटीएफ टीम को सूचना मिली कि ‘माया गैंग’ का सरगना कालिंदी कुंज के रास्ते से आने वाला है। सूचना को पुख्ता कर इंस्पेक्टर शिव कुमार की देखरेख में एसआई कुलदीप, राजेश शर्मा, जितेंद्र पंवार, सिकंदर ने सरिता विहार लूप के पास ट्रैप लगाया। स्कूटी सवार माया को रोकने का प्रयास किया गया तो उसने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस की गोली से हुआ घायल
जवाबी कार्रवाई में पुलिस की चलाई गोली दाहिने पैर में लगने से माया घायल हो गया। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने उसके कब्जे से पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद किए। जांच में आरोपी से बरामद स्कूटी चोरी की पाई गई है।
फिल्म से प्रेरित होकर बनाया गैंग
आरोपी ने बताया कि वह एक्शन व गैंगस्टर पर बनी फिल्मों का शौकीन है। “शूटआउट एट लोखंडवाला” में ‘माया’ के किरदार से प्रेरित था। इसलिए उसने ‘माया गैंग’ के नाम से अपना खुद का गैंग बनाया। उसके गैंग का लोगो “माया, मौत का दूसरा नाम” है। इस गैंग 11 लोगो ने पहचान के लिए स्मौतर शब्द का टैटू गुदवा रखा है।
जांच में खुलासा
जांच में पता चला है कि आरोपी के परिवार के पांच सदस्य भी घोषित बदमाश है। आरोपी इलाके में भी ‘प्रोटेक्शन मनी’ लेता था। उसे हथियारों का इतना जुनून था कि वह विभिन्न सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म पर पिस्तौल और चाकुओं के साथ अपनी तस्वीर अपलोड करता था।
