Delhi Air Pollution News: दिल्ली-एनसीआर की हवा बेहद जहरीली हो चुकी है। हालात ऐसे हो रहे सांस लेना दूभर हो जाए। इस बीच राजधानी के तीन ऐसे स्टेशन अहम रहे जहां एक्यूआई 500 के पार जा चुका है। जानें वो स्टेशन कौन-कौन से हैं।

दिल्ली की एयर क्वालिटी बेहद गंभीर
रोहिणी में, पैमाना 20 घंटे से ज्यादा समय तक 499 पर रहा। शाम 6 बजे यह 500 पर पहुंच गया। अशोक विहार में, शनिवार रात 9 बजे AQI 490 पर पहुंच गया और पूरे रविवार इस स्तर से ऊपर रहा, और फिर 500 पर पहुंच गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के डेटा से पता चलता है कि कई जगहों पर लंबे समय तक AQI का स्तर 490 से ऊपर रहा।शनिवार शाम से शहर के कई इलाकों में हवा की गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर पहुंच गई। दिल्ली के कुल 39 एक्टिव स्टेशनों में से 38 गंभीर श्रेणी में थे। सिर्फ शादीपुर में एयर क्वालिटी इंडेक्ट 375 रहा, जो बहुत खराब श्रेणी में था। 13 स्टेशनों पर AQI कई घंटों तक 490 से ऊपर रहा, कई जगहों पर तो यह चरम सीमा के करीब पहुंच गया।
जानिए शहर में कहां कितना रहा AQI
लाजपत नगर के नेहरू नगर स्टेशन पर, जहां AQI बढ़कर 493 हो गया, शनिवार रात 11 बजे PM2.5 की प्रति घंटा रीडिंग 720 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर थी। यह PM2.5 के लिए दैनिक राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानक 60 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर से 12 गुना ज़्यादा था। यह WHO के दैनिक सुरक्षित दिशानिर्देश 15 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर से भी 48 गुना ज्यादा था।
बेहद जहरीली दिल्ली की हवा
शहर के दूसरे हिस्सों में भी हालात अलग नहीं थे। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति के डेटा के अनुसार, आरके पुरम में PM2.5 की प्रति घंटा अधिकतम सांद्रता 660 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर तक पहुंच गई, और आनंद विहार में यह 651 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर पर स्थिर हो गई। थिंक टैंक एनवायरोकैटलिस्ट्स के फाउंडर और लीड एनालिस्ट सुनील दहिया ने कहा कि लंबे समय तक PM2.5 की 5 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर से ज़्यादा कंसंट्रेशन सेहत पर बुरा असर डालती है, जैसा कि दुनिया भर में साइंटिफिक सबूतों से साबित हुआ है।
क्या कह रहे एक्सपर्ट
दहिया ने कहा कि हम अभी जो सांस ले रहे हैं, उसमें PM2.5 का लेवल 500 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर से ज्यादा है। यह सिर्फ सांस की बीमारियों, COPD, फेफड़ों के कैंसर वगैरह जैसी लंबे समय तक रहने वाली स्वास्थ्य समस्याओं और दिल की बीमारियों जैसे हार्ट अटैक, स्ट्रोक, हार्ट फेलियर का कारण नहीं है, बल्कि अस्थमा अटैक और स्ट्रोक की वजह से इमरजेंसी हॉस्पिटलाइज़ेशन भी होता है।
प्रदूषित इलाकों की पूरी लिस्ट
शहर के सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में जहांगीरपुरी (499), मुंडका (499), बवाना (498), दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी (497), विवेक विहार (497), नरेला (493), दिलशाद गार्डन में IHBAS (491), और ओखला फेज-2 (490) शामिल थे। पिछली सर्दियों में, 18 नवंबर, 2024 को 15 स्टेशनों पर AQI 500 तक पहुंच गया था, जब दिल्ली में अब तक का दूसरा सबसे ज़्यादा AQI 494 रिकॉर्ड किया गया था। इसी तरह, 3 नवंबर, 2023 को RK पुरम में AQI 500 तक पहुंच गया था, साथ ही कई स्टेशन भी एक्सट्रीम लेवल के करीब पहुंच गए थे।
