पुलिस सूत्रों के मुताबिक अचानक सोशल मीडिया में दिल्ली पुलिस के आंकड़ों का हवाला देकर तेजी से वायरल किए गए पोस्ट, क्लिप के पीछे की जब जांच की गई तो पता चला कि हाल ही में ‘लापता’ थीम पर एक बॉलीवुड फिल्म रिलीज हुई थी।

इससे पहले दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता संजय त्यागी ने स्पष्ट किया कि दिल्ली में लापता लोगों की संख्या में कोई ‘असामान्य’ वृद्धि नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि जनवरी 2026 में तो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में लापता मामलों की रिपोटिंग में कमी दर्ज की गई है, जिससे यह साफ होता है कि सोशल मीडिया पर फैल रही खबरें तथ्यहीन हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक अचानक सोशल मीडिया में दिल्ली पुलिस के आंकड़ों का हवाला देकर तेजी से वायरल किए गए पोस्ट, क्लिप के पीछे की जब जांच की गई तो पता चला कि हाल ही में ‘लापता’ थीम पर एक बॉलीवुड फिल्म रिलीज हुई थी। वह फिल्म लागत का बजट भी पूरा नहीं कर पाई। जितनी कमाई अब तक हुई है उससे तीन गुना अधिक फिल्म बनाने में लग चुका था।
- पुलिस को जांच में जो क्लू मिले, उसको फॉलो करने से पता चला कि फिल्म को फ्लॉप होने से बचाने और उसे हिट कराने के लिए सोशल मीडिया में दिल्ली को लेकर जानबूझकर पेड प्रमोशन के जरिए अफवाह फैलाई गई। इस फिल्म की वजह से बहस खड़ी हुई है।
- एक पुलिस अफसर ने कहा कि दिल्ली में बच्चे गायब हो रहे हैं, यह सच है। लेकिन यह भी उतना ही सच है कि सोशल मीडिया ने अधूरी जानकारी को डर में बदल दिया। वायरल आंकड़ों ने भ्रम और पैनिक फैलाया है।
- पुलिस सूत्रों के मुताबिक दरअसल, पिछले दिनों मीडिया में एक रिपोर्ट सामने आई, जिसमें दिल्ली पुलिस के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया गया कि 1 जनवरी से 15 जनवरी, 2026 के बीच शहर में 807 लोग लापता हुए, यानी रोजाना औसतन 54 लोग लापता हुए हैं।
- आंकड़ों में बताया गया कि लापता होने वालों में 509 महिलाएं-लड़कियां और 298 पुरुष थे। साथ ही, 191 नाबालिग थे, जबकि 616 वयस्क थे। पुलिस 1 से 27 जनवरी के बीच 235 लोगों का पता लगाया।
- दिल्ली पुलिस ने आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है। पुलिस ने कहा कि लापता की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
