पुरानी दिल्ली में लाल किले के पास नवंबर महीने में हुए कार ब्लास्ट केस में जांच जारी है। इस बीच दिल्ली की अदालत ने एनआईए को जांच पूरी करने के लिए 45 दिन का और समय दिया है।

सात आरोपियों की न्यायिक हिरासत बढ़ी
अदालत ने सात आरोपियों आमिर राशिद मीर, जसीर बिलाल वानी, मुफ्ती इरफान अहमद वागे, डॉ. मुजमिल शकील गनी, डॉ. अदील अहमद राथर, डॉ. शाहीन सईद और शोएब की न्यायिक हिरासत भी 13 मार्च तक बढ़ा दी। शोएब को अदालत में भौतिक रूप से पेश किया गया, जबकि अन्य लोग वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सुनवाई में शामिल हुए।
जांच एजेंसी को मिला और वक्त
प्रमुख जांच एजेंसी की याचिका में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) के प्रावधानों के अनुसार, जांच और हिरासत की अवधि को वैधानिक 90 दिन की अवधि से आगे बढ़ाकर 180 दिन तक करने का अनुरोध किया गया है।
डॉक्टर उमर ही ब्लास्ट का मुख्य साजिशकर्ता
डॉ. उमर उन नबी विस्फोटकों से भरी कार चला रहा था, जिसमें 10 नवंबर, 2025 को राष्ट्रीय राजधानी में लाल किले के बाहर विस्फोट किया गया। इस घटना में 15 लोग मारे गए थे और कई अन्य घायल हो गए थे। अब तक की जांच में पता चला कि डॉक्टरों के एक समूह के नेतृत्व में चल रहा आतंकी मॉड्यूल पिछले साल से ही आत्मघाती हमलावर की तलाश में सक्रिय रूप से जुटा हुआ था, जिसमें उमर को मुख्य षड्यंत्रकर्ता बताया जा रहा है।
