सीबीआई ने इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से मोहम्मद दिलशाद हत्या के आरोपी को गिरफ्तार किया, जो 26 साल से फरार था। उस पर 1999 में सऊदी अरब के रियाद में एक हत्या करने का आरोप है। वह नकली पासपोर्ट बनवाकर बचता रहा, लेकिन अंततः मदीना से जेद्दा होते हुए दिल्ली आने पर पकड़ा गया।

हत्या का यह मामला सीबीआई को साल 2022 में सऊदी अरब के अधिकारियों के अनुरोध पर सौंपा गया था। दिलशाद उस समय रियाद में एक मैकेनिक और सुरक्षा गार्ड के रूप में काम कर रहा था। सीबीआई के अनुसार, उसने वहीं पर हत्या की वारदात को अंजाम दिया। इसके बाद वह भारत भाग आया था और यहां छिपकर रह रहा था। पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी।
नकली पासपोर्ट बनवाकर बचता रहा
सीबीआई ने दिलशाद के मूल गांव जिला बिजनौर में उसकी तलाश शुरू की और उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर भी जारी किया। लेकिन, आरोपी बार-बार अपना पहचान पत्र और पासपोर्ट बदलकर बच निकलता रहा। सीबीआई की जांच में यह खुलासा हुआ कि उसने धोखाधड़ी से अलग पहचान हासिल की और पिछले कई सालों में कतर, कुवैत और सऊदी अरब जैसे देशों की यात्राएं कीं।
इंदिरा गांधी एयरपोर्ट से सीबीआई ने किया गिरफ्तार
इस बीच सीबीआई को उसके नए पासपोर्ट के बारे में खुफिया जानकारी मिल गई। उसके खिलाफ दूसरा लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया। इसके बाद आखिरकार, 11 अगस्त 2025 को उसे इंदिरा गांधी एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया गया। इस दौरान वह मदीना से जेद्दा होते हुए नई दिल्ली आ रहा था। सीबीआई ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। मामले में जांच अभी भी जारी है।