दिल्ली के जनकपुरी में गड्ढे में गिरकर कमल ध्यानी की मौत के मामले में अब परिवारवाले हाई कोर्ट में याचिका दायर करने वाले है।

दोषियों को सस्पेंड नहीं बर्खास्त किया जाना चाहिए
पिता नरेश ध्यानी ने कहा कि सिर्फ सस्पेंड करने से नहीं, बल्कि दोषियों को बर्खास्त किया जाना चाहिए। वे लोग उस रात इधर-उधर भटकते रहे और कई थानों के चक्कर लगाए। मृतक के चाचा कमल ने कहा कि अभी तक इस मामले में दो मेन कॉन्ट्रैक्टर सहित चार आरोपी हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग तो हम लोग कर ही रहे हैं।
पुलिस और जल बोर्ड को बनाएंगे पार्टी
साथ ही पुलिस और जल बोर्ड – अधिकारियों को भी पार्टी बनाएंगे। हालांकि, उन्होंने पुलिस से थोड़ी बहुत मदद की बात भी कही है। लेकिन वह कहते हैं कि उस रात यदि मदद मिल जाती तो आज यह नौबत नहीं आती, न ही ऐसी स्थिति आज हमारे साथ बनती। दिल्ली सरकार को लेकर भी सवाल खड़ा करते हुए उन्होंने कहा कि सिर्फ सरकार बदली है, बाकी कुछ नहीं बदला है। उन्होंने कहा कि हमारे परिवार के साथ क्या हो रहा है, यह सबको पता है।
कोर्ट ने दिया जरूरी डायरेक्शन
सीसीटीवी फुटेज को लेकर उन्होंने कहा कि कोर्ट ने जरूरी डायरेक्शन दिया है। एक्सिडेंट से जुड़े जो भी सबूत हैं, उसके साथ खिलवाड़ नहीं किया जाए इसको लेकर भी हमने अपनी बात रखी है। द्वारका कोर्ट में सभी एविडेंस लेकर 13 फरवरी को बुलाया गया है। वहीं, दूसरी ओर जिन दो मेन कॉन्ट्रैक्टर हिमांशु गुप्ता और उनके भाई कविश गुप्ता को अग्रिम जमानत मिली है, वे बुधवार को दिन में जनकपुरी थाने में पहुंचे और जांच में शामिल हुए। लेकिन पुलिस की तरफ से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
