बिजली सब्सिडी का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। सूत्रों के अनुसार वित्तीय साल 2025-26 में दिल्ली सरकार पर बिजली सब्सिडी का कुल खर्च 4 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है। दिल्ली सरकार ने इस वित्तीय साल में बिजली सब्सिडी के लिए 3849 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।

सब्सिडी के लिए एक्स्ट्रा 361 करोड़ रुपये की मांग
दिल्ली सरकार ने इस वित्तीय साल में बिजली सब्सिडी के लिए 3849 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। यह 2024-25 की तुलना में लगभग 250 करोड़ रुपये ज्यादा है। पिछले साल कुल 3600 करोड़ रुपये सब्सिडी पर खर्च हुए थे। सरकार ने इस बार भी सब्सिडी जारी रखने का फैसला लिया था और बजट बढ़ाया था। अब रिवाइज्ड बजट में एक बार फिर 361 करोड़ रुपये की मांग की गई है।
83 फीसदी से अधिक घरेलू उपभोक्ता
दिसंबर में होने वाले दिल्ली विधानसभा के विंटर सेशन में इसको मंजूरी मिल सकती है। अधिकारियों का कहना है कि फ्री बिजली योजना की शुरुआत 2015-16 में हुई थी। तब दिल्ली में 52.62 लाख बिजली उपभोक्ता थे और सब्सिडी पर 1442 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च हुआ था। अब दस साल बाद उपभोक्ताओं की संख्या बढ़कर 69 लाख हो गई है और सब्सिडी का खर्च 4200 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। कुल बिजली उपभोक्ताओं में 83 फीसदी से अधिक घरेलू उपभोक्ता है।
2015-16 से लगातार बढ़ा है सब्सिडी पर खर्च
साल 2015-16 में बिजली सब्सिडी पर 1442.76 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। इसके बाद यह राशि हर साल बढ़ती गई। वर्ष 2016-17 में 1577.94 करोड़, 2017-18 में 1676.70 करोड़ और 2018-19 में 1699.29 करोड़ रुपये खर्च हुए। इसके वित्त वर्ष 2024-25 मे बिजली सब्सिडी का खर्च बढ़कर 3600 करोड़ रुपये हो गया है।
200 यूनिट मुफ्त है बिजली
दिल्ली में बिजली योजना के तहत 200 यूनिट तक बिल जीरो आता है। 201 से 400 यूनिट तक खपत करने वालों को कुल बिल पर 50 फीसदी, अधिकतम 800 रुपये तक की सब्सिडी मिलती है। 401 यूनिट से ज्यादा खपत करने वाले उपभोक्ताओं को कोई सब्सिडी नहीं दी जाती है।
