दिल्ली हाई कोर्ट ने एयर प्यूरीफायर पर जीएसटी घटाने की मांग पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने कहा कि गंभीर प्रदूषण को देखते हुए आम आदमी के लिए इसे किफायती बनाना क्यों जरूरी नहीं है। केंद्र सरकार ने इस पर 10 दिन में जवाबी हलफनामा दाखिल करने की बात कही है।

केंद्र सरकार ने इस मांग का विरोध किया। दूसरी ओर, हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि गंभीर प्रदूषण को देखते हुए आम आदमी के लिए एयर प्यूरीफायर को किफायती बनाने के लिए जीएसटी को क्यों नहीं घटाया जा सकता। 10,000 से 60,000 तक की कीमत के कारण ये उपकरण आम आदमी की पहुंच से बाहर हैं।
जवाबी हलफनामा दाखिल करेगी केंद्र
सुनवाई में केंद्र की ओर से अडिशनल सॉलिसिटर जनरल एन. वेंकटरमण ने कहा कि अगर अदालत इस मामले में कोई निर्देश देती है, तो यह कानून बनाने के अधिकार में दखल होगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार इस मामले में एक जवाबी हलफनामा दाखिल करेगी।
कोर्ट ने दिया 10 दिन का समय
जस्टिस विकास महाजन और विनोद कुमार की बेंच ने केंद्र सरकार को याचिका पर अपना जवाब दाखिल करने के लिए 10 दिन का समय दिया। एडवोकेट कपिल मदन की दायर याचिका में कहा गया है कि दिल्ली में एयर प्यूरीफायर को लग्जरी नहीं माना जा सकता है।
बेंच ने याचिकाकर्ता से कहा कि पिछली सुनवाई में भी अदालत उसके साथ थी क्योंकि जो मुद्दा उठाया गया है वह ऐसा है जिससे हर कोई चिंतित है। इस बात से सहमत होते हुए केंद्र से एएसजी ने कहा कि इस मामले पर उच्च स्तरीय स्तर पर विचार-विमर्श किया गया जिसमें वित्त मंत्री भी शामिल थी।
