दिल्ली में जल्द ही दो नए मियावाकी फॉरेस्ट तैयार होंगे, जो शहर के हरित आवरण को बढ़ाएंगे और प्रदूषण से लड़ने में मदद करेंगे।

पर्यावरण मंत्री ने अधिकारियों के साथ की मीटिंग
बैठक के दौरान इन जंगलों के निर्माण की प्रगति की जानकारी ली गई। पर्यावरण मंत्री ने कहा कि मियावाकी फॉरेस्ट दिल्ली के ग्रीन कवर को बढ़ाने के साथ प्रदूषण से लड़ने में भी अहम होंगे। वन विभाग के अधिकारी के अनुसार, नजफगढ़ के पास खरखरी जटमल में 6.02 एकड़ और जैनपुर में 11.21 एकड़ जगह में मियावाकी जंगल बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा हरियाली बढ़ाने के लिए 15 नमो वन भी तैयार किए जाएंगे।
इन इलाकों में बनेंगे जंगल
दक्षिणी दिल्ली में सतबारी और मैदानगढ़ में 18.6-18.6 एकड़ के दो जंगल बनेंगे। उत्तरी और उत्तरी पश्चिमी दिल्ली में भी जंगल बनेंगे। रोहिणी में सात जंगल बनेंगे। यह बरवाला, प्रह्लादपुर बागर, पंसाली महमूदपुरा माजरा में बनेंगे। नरेला में सी-बी4 नरेला, मामूरपुर, जी और जी8 में विकसित किए जाएंगे। अलीपुर में तीन जंगल 12, 12.2 और 28 एकड़ में फैले होंगे।
दोनों जंगलों में क्या अंतर होगा?
मियावाकी जंगल में पौधों को पास पास लगाकर जंगल तैयार किया जाएगा। हर जंगल में कम से कम 10 प्रजातियों के पौधे लगेंगे। यह जंगल महज 6 से 8 महीने में घने हो जाएंगे और सामान्य जंगल से 30 गुना घने होंगे। लेकिन इनमे घनत्व ऊपर की तरफ ज्यादा होगा। मिट्टी में हरियाली कम रहेगी। दूसरी तरफ नमो वन मे बडे. पेड़ों के बीच तीन मीटर की दूरी होगी। बीच-बीच में झाड़ियां और घास होगी। इनके तैयार होने में 4 से 5 साल का समय लगेगा।
