रोहतक रोड पर मुंडका मेट्रो स्टेशन के आसपास सिविक एजेंसियों की अनदेखी से बदहाली का आलम है। खुले नाले, गड्ढे और जलभराव के कारण यात्रियों को स्टेशन तक पहुंचने में भारी परेशानी हो रही है।

दोनों तरफ के एंट्री गेटों पर खस्ताहाल
मेट्रो स्टेशन के दोनों तरफ के एंट्री गेटों के आस-पास खुला नाला, सर्विस लेन में बने बड़े-बड़े गड्ढे खुले पड़े मैनहोल और चारों तरफ फैली कीचड़ के चलते लोगों के हर वक्त गिरने का डर बना रहता है। मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 2 पर दिव्यांग और बुजुर्गों के लिए एस्केलेटर और सीढ़ियां बनी है। बीच में लिफ्ट भी लगी हुई है, लेकिन जब यात्री लिफ्ट का इस्तेमाल करने जाते हैं, तो उससे पहले उन्हें करीब 4 फीट के खुले मैनहोल को पार करना पड़ता है, जो पानी से लबालब भरा हुआ है। इसे सुरक्षित तरीके से पार करना किसी चुनौती से कम नहीं है। करीब 200 मीटर के दायरे में सड़क के दोनों तरफ मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1, 2, 3 और 4 के आस-पास लोगों को किसी तरह बचते बचाते हुए निकलना पड़ता है।
हादसों का बढ़ जाता खतरा
मुंडका-रोहतक रोड पर जलभराव से निजात दिलाने के लिए एजेंसियां लंबे समय से काम कर रही है, लेकिन हालात नहीं बदले। यहां नाले का निर्माण चल रहा है, लेकिन काम में बरती जा रही अनियमितताएं लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। स्थानीय लोगों ने बताया कि फिलहाल नाले का काम रुका हुआ है। सेफ्टी वॉल तक तैयार नहीं की गई है। नाला जगह-जगह से खुला है और उसके बिल्कुल पास से लोग बाइक और स्कूटर लेकर निकलते हैं। रात के अंधेरे में सड़क और नाले के बीच गैप नजर नहीं आता है, जिससे हादसों का खतरा बढ़ जाता है। आस-पास की कॉलोनियों में आने-जाने के लिए लोगों ने नाले के ऊपर लकड़ी के फट्टे या सीढ़ियां रखी हुई हैं। जरा सा ध्यान भटकते ही नाले में गिरने का खतरा बना रहता है।
