ऐतिहासिक स्मृतियों का सम्मान
मुख्यमंत्री ने ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के उद्घोष के साथ अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा कि 26 जनवरी केवल एक तारीख नहीं, बल्कि भारत के आत्मसम्मान, लोकतांत्रिक चेतना और पूर्ण स्वराज का प्रतीक है। उन्होंने याद दिलाया कि 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्रता के बाद 26 जनवरी 1950 को संविधान अपनाकर भारत ने स्वयं को जनता के द्वारा, जनता के लिए और जनता का राष्ट्र घोषित किया। मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों को नमन करते हुए कहा कि तिरंगा हमें विरासत में नहीं, बल्कि असंख्य बलिदानों से मिला है। उन्होंने लता मंगेशकर के गीत ‘ऐ मेरे वतन के लोगों’ का उल्लेख करते हुए भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर और संविधान निर्माताओं को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा संविधान को पिछले 77 वर्षों से न्याय, समानता और गरिमा का मार्गदर्शक बताया।
उन्होंने वर्ष 2025-26 को राष्ट्रीय स्मृतियों और प्रेरणाओं का वर्ष बताते हुए कहा कि यह श्री गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत वर्षगांठ, पंडित मदन मोहन मालवीय जी की 165वीं जयंती, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की 125वीं जयंती, भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी की 101वीं जयंती, वंदे मातरम् के 150 वर्ष और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100 वर्ष का स्मरण वर्ष है।
इतिहास और विकसित दिल्ली का संकल्प
दिल्ली के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह शहर बार-बार लुटने के बावजूद हर बार और अधिक मजबूती के साथ खड़ा हुआ है। दिल्ली केवल इमारतों का शहर नहीं, बल्कि भारत की आत्मा का प्रतिबिंब है। आज दिल्ली माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के ‘विजन 2047’ से जुड़कर विकसित भारत के संकल्प के साथ विकसित दिल्ली के लक्ष्य की ओर नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि लगभग 11 महीने पहले जब सरकार ने दिल्ली की जिम्मेदारी संभाली, तब वर्षों से जमी अव्यवस्था और रुकावटें सबसे बड़ी चुनौती थीं। संवैधानिक मूल्यों और प्रधानमंत्री के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र को आधार बनाकर सरकार ने बीते 11 महीनों में जनकल्याण के अनेक निर्णय लिए हैं, जो जमीन पर वास्तविक बदलाव ला रहे हैं।
गरीब कल्याण और सुदृढ़ स्वास्थ्य ढांचा
मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में 50 अटल कैंटीन शुरू की गई हैं, जहां 5 रुपये में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे प्रतिदिन 50,000 से अधिक लोग लाभान्वित हो रहे हैं और इसे 1 लाख प्रतिदिन तक बढ़ाने का लक्ष्य है। स्वास्थ्य को सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में बताते हुए उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया के तहत सरकारी अस्पतालों में आधुनिक आईटी सिस्टम, 1 करोड़ से अधिक आभा आईडी और ऑनलाइन ओपीडी सुविधा शुरू की गई है। आयुष्मान भारत और वय वंदन योजना के माध्यम से अब तक 6 लाख पंजीकरण और 20,000 मरीजों को लाभ दिया गया है।
उन्होंने बताया कि दिल्ली में 300 से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर कार्यरत हैं, नए अस्पताल ब्लॉक और अस्पतालों का निर्माण प्रगति पर है, साथ ही पब्लिक हेल्थ लैब और क्रिटिकल केयर यूनिट्स विकसित की जा रही हैं। नई एम्बुलेंस, डायलिसिस मशीनें, डॉक्टर, नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति के साथ दिल्ली को सुलभ, किफायती और उन्नत ट्रिपल-ए हेल्थ मॉडल यानी एडवांस, अफोर्डेबल और एक्सेसिबल हेल्थ केयर की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है।
दिल्ली बनेगी एजुकेशन हब
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2025-26 के बजट में 21 प्रतिशत राशि शिक्षा के लिए निर्धारित की गई है। दिल्ली स्कूल एजुकेशन एक्ट 2025 लागू कर निजी स्कूलों की मनमानी फीस वृद्धि पर रोक लगाई गई है। सभी सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी, कंप्यूटर और भाषा लैब, स्पोर्ट्स सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। नरेला में 1,300 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक एजुकेशन हब विकसित किया जा रहा है। मेधावी छात्रों को छात्रवृत्ति और कक्षा 10-11 के 1,200 टॉपर्स को मुफ्त लैपटॉप दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली अब केवल राजधानी नहीं, बल्कि विचारों और नवाचार की राजधानी बन रही है।
खिलाड़ियों को देश में सर्वाधिक सम्मान
खेलों को राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों को देश में सबसे अधिक प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। ओलंपिक और पैरालंपिक में स्वर्ण पदक पर 7 करोड़ रुपये, रजत पर 5 करोड़ रुपये और कांस्य पर 3 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि दी जा रही है। एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों और अन्य राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए भी प्रोत्साहन राशि बढ़ाई गई है। मुंडका में अंतरराष्ट्रीय मानकों वाली दिल्ली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के निर्माण का कार्य शुरू किया गया है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्रीन ट्रांसपोर्ट
बुनियादी ढांचे और परिवहन पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2025-26 में कैपिटल एक्सपेंडिचर को दोगुना किया गया है। दिल्ली सरकार ने आरबीआई के साथ एमओयू कर वित्तीय प्रबंधन को सुदृढ़ किया है। अगले तीन वर्षों में दिल्ली की सभी सार्वजनिक बसों को 100 प्रतिशत इलेक्ट्रिक बनाने का लक्ष्य है और 11,000 इलेक्ट्रिक बसें जोड़ी जाएंगी। चार्जिंग स्टेशन, नए बस डिपो, सभी आईएसबीटी का पुनर्विकास, मेट्रो नेटवर्क को 500 किमी तक विस्तार, मेट्रो बजट को 5,000 करोड़ रुपये तक बढ़ाना, लास्ट माइल कनेक्टिविटी के लिए ई-बस, ई-ऑटो, ई-टैक्सी और रैपिड रेल जैसी योजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं।
सुरक्षित और समावेशी दिल्ली
मुख्यमंत्री ने बताया कि महिलाओं और ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए पिंक कार्ड, ऑटोमेटेड व्हीकल टेस्टिंग स्टेशन, द्वारका एक्सप्रेसवे, यूईआर-2, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, नए फ्लाईओवर, अंडरपास और एलिवेटेड रोड दिल्ली को डी-कंजेस्ट करने में मदद करेंगे। सेफ सिटी प्रोजेक्ट के तहत 10,000 नए सीसीटीवी कैमरे और 1 लाख स्मार्ट एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाई जाएंगी। 53 नए स्पीड कोर्ट और हाइब्रिड कोर्टरूम स्थापित किए गए हैं। तिहाड़ जेल को शहर से बाहर स्थानांतरित करने के प्रस्ताव पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
सामाजिक सुरक्षा और कल्याण
महिला, श्रमिक और सामाजिक सुरक्षा पर मुख्यमंत्री ने बताया कि निर्माण श्रमिकों को आर्थिक सहायता, गिग वर्कर वेलफेयर बोर्ड का गठन, 500 ‘पालना’ क्रेच केंद्र, 5,000 नई पेंशन, वरिष्ठ नागरिक गृह, दिल्ली विलेज डेवलपमेंट बोर्ड के तहत 1,700 करोड़ रुपये की परियोजनाएं, झुग्गी क्लस्टरों में 700 करोड़ रुपये के विकास कार्य, 1984 सिख दंगा पीड़ितों को सरकारी नौकरी, प्रवासी कश्मीरी परिवारों और कोविड में दिवंगत कर्मचारियों के परिजनों को सहायता प्रदान की गई है। पशुधन संरक्षण के लिए 10 नई गौशालाएं, स्ट्रीट डॉग शेल्टर, स्टरलाइजेशन और वैक्सीनेशन की व्यवस्था की जा रही है।
आर्थिक विकास, पर्यावरण और यमुना पुनरुद्धार
आर्थिक विकास पर मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली का बजट 75,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर एक लाख करोड़ रुपये किया गया है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, सिंगल विंडो सिस्टम, 75 ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाएं, 24×7 व्यापार संचालन, वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स पॉलिसी, एमएसएमई और मैन्युफैक्चरिंग सपोर्ट सिस्टम पर सरकार काम कर रही है। भारत-यूरोप ट्रेड डील से दिल्ली के एमएसएमई को वैश्विक बाजार तक पहुंच मिलेगी।
संस्कृति, पर्यावरण और यमुना पुनरुद्धार पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कूड़े के पहाड़, प्रदूषण और यमुना की सफाई सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में हैं। ड्रेन डी-सिल्टिंग, नया मास्टर ड्रेनेज प्लान, एसटीपी अपग्रेडेशन, बायोगैस और ई-वेस्ट प्लांट, सोलर पॉलिसी और सरकारी भवनों पर सोलर प्लांट लगाए जा रहे हैं।
