दिल्ली पुलिस के एक सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) रविंदर ने बुधवार को अपने आवास पर कथित तौर पर जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। परिजनों द्वारा अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। 28 वर्षों की सेवा के बाद, 1998 में दिल्ली पुलिस में भर्ती हुए रविंदर के परिवार में उनकी मां, पत्नी, बेटी और बेटा हैं।

परिजन उन्हें हरियाणा के सोनीपत जिले के खरखोदा स्थित एक अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जानकारी से पता चलता है कि यह घटना तड़के घटी।
अस्पताल ले गए लेकिन बचाया नहीं जा सका
अधिकारी ने कहा, ‘‘उनकी (एएसआई की) हालत देखकर परिजन उन्हें तुरंत अस्पताल ले गए, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।’’ पुलिस के अनुसार, 1998 में दिल्ली पुलिस में भर्ती हुए रविंदर ने लगभग 28 वर्षों तक सेवा की और उनके परिवार में उनकी मां, पत्नी, एक बेटी तथा एक बेटा हैं। अधिकारी ने बताया कि विभाग इस दौरान परिवार को सहायता प्रदान कर रहा है और कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।
पूर्वी दिल्ली के मंडावली इलाके में दूसरी मंजिल से गिरने से एक मजदूर की मौत
वहीं एक अन्य हादसे में पूर्वी दिल्ली के मंडावली इलाके में दूसरी मंजिल के एक फ्लैट की बालकनी से फिसलकर गिरने से 43 वर्षीय एक मजदूर की मौत हो गई। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि यह घटना 25 जनवरी को तब सामने आई जब पूर्वी दिल्ली के तरंग अपार्टमेंट्स से एक व्यक्ति के घायल होने के बारे में सूचना मिली।
घायल व्यक्ति की पहचान गणेश कुमार के रूप में हुई, जो उत्तर प्रदेश का रहने वाला था। वह दिहाड़ी मजदूरी की तलाश में इलाके में आया था और उसे एक दिन के लिए काम पर रखा गया था। प्रारंभिक जांच के अनुसार, कुमार दूसरी मंजिल के एक फ्लैट की बालकनी में काम कर रहा था, तभी उसका संतुलन बिगड़ गया और वह ऊंचाई से गिर गया। गिरने के कारण उसे गंभीर चोटें आईं। उसे इलाज के लिए लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल ले जाया गया।
पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘बाद में उसे आगे के इलाज के लिए लक्ष्मी नगर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत बिगड़ गई। 26 जनवरी को इलाज के दौरान ही उसने दम तोड़ दिया।’ पुलिस ने घटना की जानकारी कुमार के परिवार को दी और जांच प्रक्रिया शुरू की। मृत्यु के सटीक कारण का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम किया गया।
