दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने दिल्ली दंगों की साजिश मामले में आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को जमानत देने से मना कर दिया है। कोर्ट ने सह-आरोपी सलीम मलिक और अथर खान की जमानत याचिकाएं भी खारिज कर दीं। कोर्ट ने कहा कि पहली नजर में ताहिर हुसैन के खिलाफ मामला बनता है।

28 जनवरी के अपने आदेश में कोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 5 जनवरी को पांच आरोपियों – शिफा-उर-रहमान, गुलफिशा फातिमा, सलीम खान, मीरान हैदर और शादाब अहमद – को जमानत दे दी थी, लेकिन हुसैन, खान और मलिक को पहले ट्रायल कोर्ट ने उनके केस की मेरिट के आधार पर जमानत देने से इनकार कर दिया था।
जज बाजपेयी ने क्या कहा
हुसैन के मामले में, जज बाजपेयी ने कहा कि जब कोर्ट ने पहली नजर में यह राय बना ली है कि उनके खिलाफ केस बनता है, तो कोई अलग राय नहीं बनाई जा सकती। अब सह-आरोपी लोगों के बारे में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद जब इस कोर्ट ने एक बार यह राय बना ली है कि आवेदक के खिलाफ पहली नजर में मामला बनता है, तो अब पहले के आदेश को रिव्यू करके कोई और अलग राय नहीं बनाई जा सकती।
दिल्ली पुलिस ने ताहिर हुसैन समेत अन्य आरोपियों पर हिंसा में शामिल होने का आरोप लगाया
दरअसल, दिल्ली पुलिस ने ताहिर हुसैन, अतहर खान, मायक और कई अन्य लोगों पर 2020 के दिल्ली दंगों के दौरान में शामिल होने और हिंसा की साजिश रचने का आरोप लगाया है। अभियोजन पक्ष ने मामले में गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) के प्रावधानों का इस्तेमाल किया है।
