रविवार देर रात जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय परिसर में दो समूहों के बीच झड़प होने के बाद, विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे परेशान करने वाली घटना बताते हुए संज्ञान लिया है और कहा है कि सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, साथ ही सभी छात्रों को किसी भी “अनुचित गतिविधि” से बचने का आग्रह किया है।

क्या है विश्वविद्यालय का ताजा बयान
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) ने बयान जारी करते हुए कहा है कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय प्रशासन के संज्ञान में आया है कि परिसर के भीतर कई शैक्षणिक भवनों को कथित तौर पर प्रदर्शनकारी छात्रों के एक समूह द्वारा बंद कर दिया गया था। प्रदर्शनकारी छात्र केंद्रीय पुस्तकालय में घुस गए और कथित तौर पर अनिच्छुक छात्रों को धमकाया और उन्हें विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए मजबूर किया। पता चला है कि इसी घटना के चलते 22 फरवरी, 2026 की रात परिसर में दो छात्र समूहों के बीच झड़प हुई। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय प्रशासन ने इन भयावह घटनाओं का गंभीर संज्ञान लिया है। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय परिसर में इस तरह के अराजक व्यवहार की निंदा करता है, जिसका उद्देश्य सार्वजनिक संपत्ति और समावेशी मूल्यों को बार-बार नष्ट करना है।
बीएनएस के तहत कार्रवाई की तैयारी
जेएनयू प्रशासन ने कहा कि विश्वविद्यालय के नियमों और विनियमों तथा बीएनएस के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है ताकि परिसर में उचित शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित किया जा सके। जेएनयूएसयू और आरएसएस समर्थित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) सहित दोनों पक्षों ने रात भर घटी घटनाओं की विपरीत-विपरीत तस्वीरें पेश कीं।
