इस साल मई में दिल्ली का औसत AQI 157 रहा, जो 2020 और 2021 को छोड़कर पिछले आठ वर्षों में सबसे बेहतर है। सीएक्यूएम के अनुसार, मई में औसत एक्यूआई 2025 में 170, 2024 में 223, 2023 में 171, 2022 में 212, 2021 और 2020 में 144, 2019 में 221 और 2018 में 217 रहा।
(फोटो– IANS)
नई दिल्ली : वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ( CAQM ) ने कहा है कि इस साल जनवरी से मई के बीच दिल्ली में औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 211 रहा, जो 2020 को छोड़कर पिछले 8 सालों में सबसे बेहतर है। 2020 में कोविड महामारी संबंधी प्रतिबंधों के कारण AQI स्तर काफी बेहतर रहा। आयोग ने कहा कि इस अवधि के दौरान औसत AQI 2025 में 214, 2024 में 231, 2023 में 213, 2022 में 238, 2021 में 235, 2020 में 181, 2019 में 237 और 2018 में 243 रहा।
दिल्ली में कब कितना रहा AQI
CAQM ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि दिल्ली में जनवरी-मई 2026 के दौरान ‘अच्छा से मध्यम’ AQI वाले 75 दिन दर्ज किए गए, जबकि इसी अवधि के दौरान 2025 में 70, 2024 में 75, 2023 में 74, 2022 में 37, 2021 में 59, 2020 में 98, 2019 में 59 और 2018 में 44 दिन दर्ज किए गए थे।
औसत AQI दर्ज किया गया 157
आयोग ने यह भी बताया कि इस साल मई में दिल्ली का औसत AQI 157 रहा, जो 2020 और 2021 को छोड़कर पिछले आठ वर्षों में सबसे बेहतर है। सीएक्यूएम के अनुसार, मई में औसत एक्यूआई 2025 में 170, 2024 में 223, 2023 में 171, 2022 में 212, 2021 और 2020 में 144, 2019 में 221 और 2018 में 217 रहा।
कितना AQI माना जाता है अच्छा
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, शून्य से 50 के बीच AQI को ‘अच्छा’, 51 से 100 को ‘संतोषजनक’, 101 से 200 को ‘मध्यम’, 201 से 300 को ‘खराब’, 301 से 400 को ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 को ‘गंभीर’ माना जाता है।
लेखक के बारे मेंअक्षय श्रीवास्तवअक्षय श्रीवास्तव, नवभारत टाइम्स (डिजिटल) में प्रिंसिपल डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। मार्च 2025 में उन्होंने टाइम्स समूह का डिजिटल विंग नवभारत टाइम्स (NBT Digital) ज्वाइन किया। यहां अक्षय न्यूज टीम का हिस्सा हैं और राष्ट्रीय खबरों के साथ-साथ दिल्ली और अपराध से जुड़े समाचारों का संपादन और क्यूरेशन करते हैं। समय-समय पर वह फील्ड रिपोर्टिंग में भी उतरते हैं। अक्षय ग्राउंड पर जाकर खबरों के पीछे छिपी कहानी को निकालने में रुचि रखते हैं। अपने 13 साल के पत्रकारिता के अनुभव में अक्षय ने रिपोर्टिंग के साथ-साथ डेस्क पर भी कई जिम्मेदारियां संभाली हैं। अक्षय ने साल 2019 और 2024 की राजनीति के निर्णायक लोकसभा चुनाव भी कवर किए हैं।
करियर के दौरान अक्षय ने प्रिंट मीडिया में एक लंबी पारी खत्म कर साल 2018 में डिजिटल मीडिया में कदम रखा। यहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता का शुरुआती काम सीखा। इसके बाद वह दैनिक भास्कर के डिजिटल सेक्शन में काम करने लगे। यहां उन्होंने जीके सेक्शन की जिम्मेदारी संभाली। आज तक में कार्य के दौरान अक्षय ने कनमैलियों पर एक एक्सक्लूसिव स्टोरी की, जो चर्चा का विषय रही। नवभारत टाइम्स में वह कफ सिरप पीकर अपने बच्चे गंवाने वाले परिवारों तक पहुंचे और उनका दर्द जाना।
पत्रकारिता का अनुभव
अक्षय का पत्रकारिता करियर हिंदी अखबार दैनिक नव भारत भोपाल के साथ साल 2013 में बतौर ट्रेनी शुरू हुआ। इसके बाद उन्होंने मध्य प्रदेश से प्रकाशित राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर में 2014 से 2016 तक उप-संपादक के रूप में कार्य किया। 2016 से 2018 तक अक्षय ने दैनिक हरिभूमि समाचार पत्र में बतौर उप-संपादक काम किया। साल 2018 में दैनिक भास्कर के साथ उन्होंने डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद जनवरी 2022 में AajTak डिजिटल के साथ जुड़े और मार्च 2015 तक होम पेज पर अपनी सेवाएं दीं।
अक्षय ने एशिया के पहले पत्रकारिता विश्वविद्यालय माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से बीएससी (इलेक्ट्रॉनिक मीडिया) और एमएससी (इलेक्ट्रॉनिक मीडिया) की पढ़ाई की है। विश्वविद्यालय में अध्ययन के दौरान वह कई प्रतियोगताओं में भाग लेकर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर चुके हैं।… और पढ़ें