मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में एआईसीसी बैठक में भाजपा के 12 साल के प्रचार अभियान और विपक्षी एकता पर रणनीति बनेगी। बैठक में गठबंधन विस्तार, दल-बदल और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर देशव्यापी आंदोलन की योजना पर भी चर्चा होने की संभावना है।

सूत्रों के अनुसार, बैठक में मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा भाजपा द्वारा केंद्र सरकार के 12 साल पूरे होने के प्रचार अभियान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जवाहरलाल नेहरू का सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड पार करने से जुड़े राजनीतिक विमर्श का जवाब देने की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।
बदलते राजनीतिक समीकरण
- पार्टी नेतृत्व दल-बदल की बढ़ती घटनाओं और विपक्षी दलों के बीच समन्वय को मजबूत करने के मुद्दे पर भी विचार करेगा।
- राज्यों में संभावित सहयोगी दलों के साथ तालमेल बढ़ाने और विपक्षी गठबंधन के विस्तार को लेकर भी मंथन होने की संभावना है।
- संसद में विपक्ष की घटती संख्या को देखते हुए कांग्रेस की रणनीति भी बैठक का अहम विषय रहेगी।
- तृणमूल कांग्रेस के कुछ सांसदों के लोकसभा में अलग समूह के रूप में बैठने और भाजपा नीत सरकार की प्राथमिकताओं के साथ जाने की अटकलों के बीच कांग्रेस विपक्षी एकजुटता बनाए रखने के उपायों पर चर्चा कर सकती है।
जनआंदोलन की हो रही तैयारी?
- बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब कांग्रेस संगठनात्मक स्तर पर भी सक्रिय है और विभिन्न राज्यों में नेतृत्व तथा गठबंधन संबंधी प्राथमिकताओं की समीक्षा कर रही है।
- हाल ही में पार्टी ने कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन का फैसला करते हुए अपेक्षाकृत युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने का संकेत दिया है।
- इसके अलावा, पेपर लीक, नीट परीक्षा और सीबीएसई में कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर देशव्यापी आंदोलन शुरू करने की रणनीति पर भी चर्चा होने की संभावना है।
- पार्टी इन मुद्दों को युवाओं और छात्रों से जुड़े बड़े सवालों के रूप में उठाते हुए केंद्र सरकार को घेरने की तैयारी कर सकती है।

