‘इंटरनेशनल पुलिस एक्सपो 2026’ में सुरक्षा विशेषज्ञों ने संवेदनशील सरकारी और रणनीतिक प्रतिष्ठानों को सिम-आधारित गुप्त जासूसी उपकरणों (बग्स) से बचाने के लिए उन्नत जासूसी रोधी (TSCM) तकनीक की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया।

भारत मंडपम में आयोजित हुआ दो दिवसीय कार्यक्रम
श्याम वीएनएल की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, भारत मंडपम में आयोजित दो दिवसीय प्रदर्शनी में भारतीय सुरक्षा प्रौद्योगिकी कंपनी श्याम वीएनएल ने केंद्रीय और राज्य पुलिस बलों, खुफिया एजेंसियों, रक्षा संगठनों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ), जेल विभागों और विभिन्न सरकारी मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष आरएफ-साइबर इंटेलिजेंस, सुरक्षित संचार तथा जासूसी रोधी समाधानों की अपनी श्रृंखला का प्रदर्शन किया।
टीएससीएम रहा प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण
बयान में कहा गया कि कंपनी की प्रदर्शनी का प्रमुख आकर्षण उसका ‘टेक्निकल सर्विलांस काउंटर मेजर्स’ (टीएससीएम) पोर्टफोलियो रहा, जिसे छिपे हुए मोबाइल आधारित निगरानी और जासूसी उपकरणों का पता लगाने के लिए तैयार किया गया है।
बढ़ते खतरे को किया उजागर
बयान के अनुसार, हाल में संवेदनशील सरकारी प्रतिष्ठानों में कथित तौर पर छिपे हुए निगरानी उपकरण मिलने संबंधी अंतरराष्ट्रीय खबरों की पृष्ठभूमि में इन प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन विशेष महत्व रखता है। इन घटनाओं ने सामान्य मोबाइल नेटवर्क के जरिए ऑडियो, वीडियो और लोकेशन संबंधी सूचनाएं प्रसारित करने में सक्षम सिम-आधारित गुप्त उपकरणों (बग्स) से उत्पन्न बढ़ते खतरे को उजागर किया है।
मामले में क्या बोले प्रवक्ता
श्याम वीएनएल के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘‘वायरलेस खतरे लगातार छोटे, अधिक स्मार्ट और उनका पता लगाना पहले से कहीं अधिक कठिन होता जा रहा है। हमारा उद्देश्य भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को ऐसी अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियां उपलब्ध कराना है, जो संवेदनशील सूचनाओं से समझौता होने से पहले इन अदृश्य खतरों की पहचान कर उन्हें निष्क्रिय करने में सक्षम हों।’’

