नई दिल्ली: दिल्ली की सड़कें 2026 में अधिक जानलेवा साबित हुईं, जहां वर्ष के शुरुआती नौ महीनों में प्रतिदिन औसतन पांच लोगों की जान गई और 17 लोग घायल हुए। आधिकारिक आंकड़ों में यह जानकारी दी गई। आंकड़ों के मुताबिक, इस अवधि के दौरान कुल 1,309 मौतें हुईं, जिनमें से 81 प्रतिशत मृतक दुपहिया वाहन चालक और पैदल यात्री थे।
आंकड़ों से पता चलता है कि राष्ट्रीय राजधानी में जनवरी से सितंबर के बीच प्रतिदिन औसतन 17 सड़क हादसे दर्ज किए गए। हादसों, मौतों और घायलों की दैनिक औसत संख्या छह वर्षों में अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। राष्ट्रीय राजधानी में 2026 के शुरुआती नौ महीनों में 4,679 सड़क हादसे दर्ज किए गए और 4,662 लोग घायल हुए। प्रतिदिन हादसों की औसत संख्या 2021 में 13 थी, जो 2022 से 2025 के बीच सालाना बढ़कर 16 हो गई।
2025 में प्रतिदिन 4 लोगों की मौत
इसी तरह, मौतों का दैनिक औसत 2021 में तीन से बढ़कर 2022 में चार हो गया और 2025 तक इसी स्तर पर बना रहा। प्रतिदिन घायलों की औसत संख्या 2021 में 12 से बढ़कर 2022 में 14, 2023 में 15, 2024 में 14 और 2025 में 15 हो गई। कुल संख्या के संदर्भ में, दिल्ली में 2021 में 4,720 हादसे, 2022 में 5,652, वर्ष 2023 में 5,834, वर्ष 2024 में 5,657 और 2025 में 5,689 हादसे दर्ज किए गए। इन हादसों में होने वाली मौतें क्रमशः 1,239, 1,461, 1,457, 1,551 और 1,617 रहीं।
सड़क हादसों में घायल होने वालों की संख्या 2021 में 4,273, वर्ष 2022 में 5,201, वर्ष 2023 में 5,470, वर्ष 2024 में 5,224 और 2025 में 5,314 थी। आंकड़ों के अनुसार, 2026 में सितंबर तक सड़क हादसों में होने वाली हर पांच मौतों में से लगभग दो मौतें पैदल यात्रियों की थीं और इस तरह लगभग 492 पैदल यात्रियों ने अपनी जान गंवाई।
2025 में 649 पैदल यात्रियों की मौत
दिल्ली में 2021 में 504, 2022 में 629, 2023 में 622, 2024 में 584 और 2025 में 649 पैदल यात्रियों की मौत दर्ज की गई।
सड़क हादसों में 15 प्रतिशत कारों की हिस्सेदारी
आंकड़ों के अनुसार, 2026 में सितंबर तक सड़क हादसों में शामिल वाहनों में कारों की हिस्सेदारी 15 प्रतिशत, ट्रकों की 13 प्रतिशत, बसों की छह प्रतिशत और ई-रिक्शा की 2.5 प्रतिशत रही। ई-रिक्शा से जुड़े हादसों की संख्या 2021 में 55 से बढ़कर 2022 में 66, वर्ष 2023 में 118, वर्ष 2024 में 112 और 2025 में 163 हो गई। इस वर्ष सितंबर तक ऐसे कुल 119 मामले दर्ज किए गए। ट्रकों से जुड़े हादसे 2021 में 145 से बढ़कर 2022 में 181 और 2023 में 190 हुए, जबकि 2024 में 188 और 2025 में 207 दर्ज किए गए। वर्ष 2026 के शुरुआती नौ महीनों में ऐसे कुल 170 हादसे दर्ज किए गए।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘ये आंकड़े दिल्ली की सड़कों को सुरक्षित बनाने की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित करते हैं, विशेष रूप से पैदल यात्रियों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए, जिनकी इन मौतों में सबसे बड़ी हिस्सेदारी है।’ उन्होंने कहा कि दिल्ली यातायात पुलिस इस दिशा में काम कर रही है।
लेखक के बारे मेंअभिषेक पाण्डेयअभिषेक पाण्डेय नवभारत टाइम्स में डिजिटल में पत्रकार हैं। वे जुलाई- 2025 में टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के नवभारत टाइम्स, डिजिटल विंग से जुड़े। वह वर्तमान में नेशनल और दिल्ली डेस्क से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं। पत्रकारिता में बतौर रिपोर्टर और डेस्क पर काम करने का 4 वर्षों का अनुभव है। नवभारत टाइम्स में जुड़ने से पहले वह दैनिक जागरण में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत थे। अभिषेक ने 2022 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव, लोकसभा चुनाव 2024, महाकुंभ 2025 को काफी करीब से कवर किया है। अभी वह राष्ट्रीय स्तर पर हो रही सियासी उथल-पुथल, सामाजिक परिवर्तन और क्राइम से जुड़ी खबरों पर बारीकी से नजर रखते हैं।
विशेषज्ञता
उत्तर भारत के राज्यों की सियासी व आपराधिक घटनाक्रम पर अच्छी पकड़, किताबों के जरिए इतिहास को वर्तमान के पन्नों में खंगालने की कोशिश।
पत्रकारिता अनुभव
रामा यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातक की डिग्री हासिल करने के बाद अभिषेक पाण्डेय ने दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में पत्रकारिता का शुरुआती ज्ञान लिया। इसके बाद उन्होंने कई संस्थानों के लिए फ्रीलांसिग की। इस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालयों के लिए जारी होने वाली धनराशि में घोटाले का खुलासा, सरकारी राशन वितरकों द्वारा ‘राशन चोरी’ का भंड़ाफोड़ किया, साथ ही किसान आंदोलन की ग्राउंड रिपोर्टिंग की। इसके बाद साल 2022 में दैनिक जागरण के डिजिटल विंग में बतौर सब एडिटर के पद पर अपने करियर की औपचारिक शुरुआत की। यहां उन्होंने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की डेस्क पर अपनी पकड़ मजबूत की। बेहतरीन लेखनी और कार्य के प्रति समर्पण को ध्यान में रखते हुए संस्थान ने उन्हें 2024 में वरिष्ठ उप संपादक के पद पर प्रमोट किया। दैनिक जागरण में रहते हुए उन्होंने, खबरों का संपादन, एक्सप्लेनर खबरों पर काम किया। इसके बाद अभिषेक पाण्डेय ने जुलाई 2025 में नवभारत टाइम्स के साथ अपनी पारी की शुरुआत की।
शिक्षा/पुरस्कार
मूल रूप से कानपुर से जुड़े अभिषेक पाण्डेय ने रामा यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन किया है। दैनिक जागरण में उन्हें तीन बार बेस्ट परफॉर्मर ऑफ द मंथ से सम्मानित किया गया था।… और पढ़ें