दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा के मुताबिक, इस साल अब तक 211 दिन वायु गुणवत्ता अच्छी, संतोषजनक और मध्यम श्रेणी में रही है। कोविड-19 प्रभावित वर्ष 2020 को छोड़ दें, तो 2016 के बाद यह सबसे बेहतर प्रदर्शन है।
दिल्ली में इस साल 211 दिन हवा की गुणवत्ता अच्छी
नई दिल्ली: दिल्ली में इस साल अब तक 211 दिन वायु गुणवत्ता अच्छी, संतोषजनक और मध्यम श्रेणी में रही है। कोविड-19 से प्रभावित वर्ष 2020 को छोड़ दें, तो 2016 के बाद यह सबसे बेहतर प्रदर्शन है। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने शनिवार को यह जानकारी दी। साल खत्म होने में दो महीने से अधिक समय बाकी है और राष्ट्रीय राजधानी में अच्छी से मध्यम वायु गुणवत्ता वाले दिनों की संख्या पिछले कई वर्षों के कुल आंकड़े को पार कर चुकी है।
आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2025 में ऐसे 200 दिन, 2024 में 209 दिन, 2023 में 206 दिन, 2018 में 159 दिन और 2016 में 110 दिन दर्ज किए गए थे। सिरसा ने कहा कि वायु गुणवत्ता में सुधार मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार द्वारा वायु प्रदूषण से निपटने के लिए लगातार किए जा रहे प्रयासों का नतीजा है।
मंत्री ने बताया कि खराब, बेहद खराब और गंभीर वायु गुणवत्ता वाले दिनों की संख्या 2016 में इसी अवधि के दौरान 168 थी, जो इस साल घटकर 79 रह गई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए समन्वित रणनीति अपनाई है और कई कदम उठाए गए हैं।
सिरसा ने कहा कि हाल ही में शुरू किया गया कृत्रिम मेधा (एआई) आधारित एकीकृत कमान एवं नियंत्रण केंद्र प्रदूषण की वास्तविक समय में निगरानी, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय, शिकायतों के निपटारे और लक्षित कार्रवाई को मजबूत कर रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए क्षेत्रीय निरीक्षण और जवाबदेही व्यवस्था भी मजबूत की है। इसके तहत सरकारी विभागों और निजी प्रतिष्ठानों की निगरानी की जा रही है।
हालांकि, मंत्री ने आगाह किया कि सर्दियों के आगामी महीनों में मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों और हवा की गति कम होने के कारण बड़ी चुनौती सामने आएगी, जिससे वायु गुणवत्ता खराब हो सकती है।
सिरसा ने कहा कि वायु गुणवत्ता में सुधार बनाए रखने के लिए सरकार ने व्यापक शीतकालीन कार्ययोजना और एहतियाती उपायों की घोषणा की है।
लेखक के बारे मेंअशोक उपाध्यायअशोक उपाध्याय, नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में सीनियर डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क पर काम करने का 12 साल का अनुभव। साल 2014 में नवभारत टाइम्स हिंदी अखबार से पत्रकारिता के सफर की शुरुआत की थी। पॉलिटिक्स और क्राइम बीट पर रिपोर्टिंग का काफी अनुभव है। अमर उजाला देहरादून में भी सेंट्रल डेस्क पर काम किया है। साथ ही कई चुनावों में ग्राउंड रिपोर्टिंग की है। पिछले 6 साल से NBT डिजिटल में न्यूज डेस्क पर काम कर रहे हैं। गूगल ट्रेंड्स को पकड़ने की अच्छी समझ है।
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JIMMC नोएडा से साल 2013 में पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इससे पहले साल 2010 में एमएमएच कॉलेज गाजियाबाद (सीसीएस यूनिवर्सिटी मेरठ) से राजनीतिक शास्त्र में मास्टर डिग्री हासिल की। लोक प्रशासन विषय पर खास पकड़ है। पत्रकारिता से पहले यूपीएससी और उत्तराखंड और यूपी पीसीएस एग्जाम की तैयारी के दौरान समाजशास्त्र, संविधान समेत कई विषयों का अध्ययन किया। संवेदनशील मुद्दों पर लिखने की खास कला है। महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर कई मार्मिक लेख लिखे हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए लोगों की समस्याओं के समाधान का प्रयास किया है, कई बार सफलता भी मिली है। पत्रकारिता में आगे और बेहतर सीखने और समझने का क्रम जारी है।… और पढ़ें