ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों के सिलसिले में चौथी बार ‘पीस बॉन्ड’ (शांति बनाए रखने का मुचलका) भरने से साफ इनकार कर दिया है।
नई दिल्ली: चुनाव आयोग में कथित गड़बड़ियों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राजधानी दिल्ली में चल रहे विपक्षी दलों के प्रदर्शन भले ही कुछ समय के लिए थम गए हो। लेकिन उनकी गूंज अभी बरकरार है। इसी बीच आइसा नेता नेहा बोरा ने चौथी बार ‘पीस बॉन्ड’ पर हस्ताक्षर करने से साफ इनकार कर दिया है। विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट कोर्ट ने इस मामले में उन्हें अब 20 नवंबर, 2026 को अगली सुनवाई के लिए तलब किया है।
दिल्ली हाई कोर्ट में बोलीं नेहा बोरा
पिछले गुरुवार को नेहा बोरा ने दिल्ली हाई कोर्ट को बताया कि वह ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) द्वारा बुलाए गए विरोध प्रदर्शन में शामिल नहीं थीं। 16 अक्टूबर को हिरासत में लिए जाने के बाद पुलिस द्वारा जारी नोटिस को चुनौती देते हुए, उनके वकील ने तर्क दिया कि उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है और न ही ऐसी कोई गतिविधि की है जिसे शांति भंग करना माना जा सके।
क्या था पूरा मामला
आपको बता दें कि दिल्ली हाई कोर्ट ने 23 अक्टूबर को आइसा नेता नेहा की ओर से दायर पुलिस के कारण बताओ नोटिस और समन को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया। इस नोटिस में उनसे 10,000 रुपये का पर्सनल बॉन्ड और एक जमानतदार (surety) देने के लिए कहा गया था। 17 अक्टूबर को ‘भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता’ (BNSS) की धारा 126 के तहत जारी इस नोटिस में उनसे पूछा गया था कि जांच के दौरान शांति बनाए रखने के लिए उन्हें यह बॉन्ड क्यों नहीं देना चाहिए।
लेखक के बारे मेंदीपांशुदीपांशु वर्तमान में ‘नवभारत टाइम्स ऑनलाइन’ में कंसल्टेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के डॉ. भीम राव अंबेडकर कॉलेज से जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन और आईआईएमसी (IIMC) दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। मीडिया इंडस्ट्री में एक साल से ज्यादा का अनुभव रखने वाले दीपांशु ने अपने करियर की शुरुआत साल 2025 में ‘NDTV इंडिया’ से की थी।उन्हें डिजिटल न्यूज रूम की तेज रफ्तार और ब्रेकिंग न्यूज कल्चर की अच्छी समझ है। दीपांशु की मुख्य रुचि राजनीति और क्राइम खबरों में है। वह बिहार चुनाव 2025, बजट 2026 और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों को कवर कर चुके हैं। इसके अलावा वह यूटिलिटी, लोकल, जंगल न्यूज और गुड न्यूज जैसी खबरों पर भी लगातार काम करते हैं।सोशल मीडिया और गूगल ट्रेंड्स पर उनकी खास नजर रहती है। वह इंटरनेट पर वायरल हो रहे मुद्दों और पाठकों की पसंद को समझकर खबरों को बहुत सरल, सटीक और असरदार तरीके से पेश करते हैं।… और पढ़ें