दिल्ली में छठ पूजा की तैयारियां तेज हो गई हैं, जिसमें मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता खुद निगरानी कर रही हैं। उन्होंने घोषणा की कि इस वर्ष छठ पूजा को ऐतिहासिक बनाने के लिए विस्तृत योजनाएं बनाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि नदी के दोनों किनारों पर छठ पूजा की व्यवस्था की जाएगी।

उन्होंने कहा कि छठ पूजा उत्सव को ऐतिहासिक बनाने के लिए इस वर्ष हम विस्तृत योजना और तैयारियां करेंगे। नदी के दोनों किनारों पर छठ पूजा की व्यवस्था की जाएगी। घाटों की सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस वर्ष दिल्ली में भव्य छठ पूजा होगी। छठ घाटों पर साफ पानी, टेंट, बिजली, शौचालय, सुरक्षा, मेडिकल सुविधा, पॉवर बैकअप, सीसीटीवी कैमरा सहित अन्य सभी ज़रूरी व्यवस्था मुहैया की जाएगी।
जो लोग बिहार नहीं जा पाते, वे यहीं करते हैं छठ
दरअसल, अब जो लोग दिल्ली में अपना घर बनाकर परिवार के साथ रहने लगे हैं, वे यहां ही छठ भी मनाने लगे हैं। दिल्ली के कई पार्कों में भी गड्ढे खोदकर उसमें पानी भरकर छठ मनाया जाता है। इस दौरान अच्छी-खासी भीड़ देखी जाती है।
छठ पूजा कब है
नहाय-खाय: 25 अक्टूबर, शनिवार
खरना: 26 अक्टूबर, रविवार
संध्या अर्घ्य: 27 अक्टूबर, सोमवार
उषा अर्घ्य (पारण): 28 अक्टूबर, मंगलवार
दिल्ली में छठ मनाने के लिए फेमस घाट
यमुना घाट दिल्ली का सबसे पुराना और सबसे ज्यादा भीड़-भार वाला छठ घाट है। आईटीओ के यमुना घाट पर पूर्वी दिल्ली के अधिकांश लोग पहुंचते हैं। इस ऐतिहासिक घाट पर पर्व की शुरुआत पहले सफाई अनुष्ठान से होती है, फिर आखिर में अर्घ्य दिया जाता है।
कश्मीरी गेट का कुदेसिया घाट
कश्मीरी गेट पर स्थित कुदेसिया घाट पर भी छठ पूजा के दौरान भीड़ रहती है। यहां की सुविधाओं को देखकर आपका दिल खुश हो जाएगा। ये जगह आध्यात्मिक और प्राकृतिक सुंदरता का एक परफेक्ट मिश्रण है।
वाजिराबाद का घाट भी छठ के लिए फेमस
वाजिराबाद पुल के पास यमुना घाट पर भी आप छठ पर्व सेलिब्रेट कर सकते हैं। दिल्ली के लोग अपनी थाली लेकर फैमिली के साथ यहां पूजा करने के लिए पहुंचते हैं।
