दिल्ली के भूजल में फ्लोराइड, क्लोराइड, नाइट्रेट और आयरन का स्तर तय मानकों से अधिक पाया गया है। मॉनसून सीजन में लिए गए 103 नमूनों में 16.50% में फ्लोराइड की अधिकता मिली, जबकि 20.39% नमूनों में नाइट्रेट का स्तर बढ़ा हुआ था। बारिश के बाद भी इन प्रदूषकों की मात्रा में कमी नहीं आई।

2023 में मॉनसून सीजन में लिए गए 103 सैंपलों में 16.50 प्रतिशत में फ्लोराइड अधिक मिला। इनमें फ्लोराइड का स्तर 0.28 से 3.70 एमनी प्रति लीडर (तय मानक एमनी प्रति लीटर) पाया गया। फ्लोराइड के मामले में सबसे खराब स्थिति राजस्थान, हरियाणा कर्नाटक की रही। इसके बाद चौथे पायदान पर दिल्ली है। रास्थान में 43.17 प्रतिशत सैंपल में फ्लोराइड का स्तर अधिक मिला।
दिल्ली के इन इलाकों में प्रदूषित पानी
नई दिल्ली, नॉर्थ दिल्ली, नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली, साउथ और सहादरा साउथ और साउथ वेस्ट दिल्ली में फ्लोराइड का स्तर ज्यादा पाया गया। बारिश के असर को जनने के लिए मॉन्सून से पहले और बाद में 24 जगहों से सैंपल लिए गए। इनमें 37.50 प्रतिशत पर फ्लोराइड की मात्र अधिक मित्री। जबकि बारिश से पहले यह 37.66 प्रतिशत थे।
2023 की रिपोर्ट
रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली में मई 2023 में लिए गए सैंपलों में 20.39 प्रतिशत में नईट्रेट का स्तर अधिक पाया गया। सबसे बुरी स्थिति राजस्थान और कर्नाटक की राही। नाइट्रेट का स्तर 45 एमनी प्रति लीटर से अधिक नहीं होना चाहिए। दिल्ली से कुल 103 सैंपल लिए गए। इनमें से 21 में यह अधिक मिला। नाइट्रेट का अधिकतम स्तर 294 एमनी प्रति लीटर तक पाया गया।
वहीं, बारिश के असर को जानने के लिए मॉनसून से पहले और बाद में राजधानी में 24 जगहों पर सैपल लिए गए। इसमें बारिश से पहले नाइट्रेट का स्तर 16.67 प्रतिश अधिक रहा, वहीं बारिश के बाद 25 प्रतिशत अधिक रहा।
