इसके अलावा उत्तर प्रदेश के कौशांबी की ओर से रेलवे स्टेशन आने जाने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए एक नया फुट ओवरब्रिज (एफओबी) बनाया जाएगा। जिसमें एयरपोर्ट और राजौरी गार्डन मेट्रो स्टेशन पर यात्रियों को दूर तक जाने के लिए जिस तरह से ट्रैवलेटर लगे हैं, उसी तरह की सुविधा होगी। इससे यात्रियों को आरआरटीएस, मेट्रो, बस अड्डा या रेलवे स्टेशन तक आवाजाही आसान हो जाएगी।
एक एफओबी काफी नहीं
पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के अनुसार, आनंद विहार रेलवे स्टेशन, आनंद विहार मेट्रो स्टेशन, बस अड्डा और आरआरटीएस स्टेशन के होने के चलते फुटफॉल बढ़ता जा रहा है। वर्तमान में सिर्फ एक फुट ओवरब्रिज है, जो आनंद विहार रेलवे स्टेशन, आनंद विहार बस अड्डा, मेट्रो स्टेशन और उत्तर प्रदेश कौशांबी बस स्टैंड को आनंद विहार आरआरटीएस स्टेशन से जोड़ता है। लेकिन लोगों की संख्या बढ़ने के बाद इकलौता एफओबी काफी नहीं है।
यूटीपैक गवर्निंग बॉडी मीटिंग में एलजी ने अधिकारियों को कहा कि एक नए एफओबी निर्माण किया जाए, ताकि लोगों को सुविधा हो। एमएमआई प्लान के तहत कौशांबी बस स्टैंड से आनंद विहार रेलवे स्टेशन तक एक अतिरिक्त एफओबी बनाया जाए।
कड़कड़डूमा को कनेक्ट करने के लिए अंडरपास
मीटिंग में मौजूद रहे अधिकारियों ने बताया कि कड़कड़डूमा एरिया से आनंद विहार स्थित मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब (रेलवे स्टेशन, मेट्रो और बस अड्डा) तक सीधी कनेक्टिविटी नहीं है। इसलिए आनंद विहार रेलवे स्टेशन के नीचे से अंडरपास बनाने की संभावनाओं की तलाश की जाए। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि रेलवे स्टेशन के नीचे से अंडरपास निर्माण की योजनाओं को लेकर एनसीआरटीसी के साथ कुछ समय पहले चर्चा भी की गई थी।
कड़कड़डूमा से आनंद विहार रेलवे स्टेशन आने के लिए कोई चौड़ी रोड नहीं है। लोग या तो मास्टर सोमनाथ मार्ग होते हुए गाजीपुर रोड से आनंद विहार रेलवे स्टेशन आते हैं या फिर स्वामी दयानंद मार्ग होते हुए यहां आते हैं। रिहायशी कॉलोनियों से रेलवे स्टेशन तक आने के लिए छोटी और संकरी कई सड़कें हैं, लेकिन उन पर हमेशा जाम रहता है।

