वेस्ट जिला पुलिस ने अमेरिका, कनाडा और यूरोप के नागरिकों को ठगने वाले एक अंतरराष्ट्रीय साइबर कॉल सेंटर का भंडाफोड़ करते हुए मालिक और मास्टरमाइंड समेत 23 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

आरोपियों के ठिकाने से मिली ये चीजें
इनके ठिकाने से 27 लैपटॉप, 25 मोबाइल, 36 हेडफोन, 25 अडेप्टर, 11 राउटर, 79,200 रुपये कैश भी बरामद किया गया है। यह कॉल सेंटर वेस्ट दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में चलाया जा रहा था। यहां से यूएसए, कनाडा, यूरोपियन कंट्री में रहने वालों को टेक्निकल सपोर्ट के नाम से फ्रॉड किया जा रहा था।
मामले में क्या बोले डीसीपी हरेश्वर वी स्वामी
डीसीपीवेस्ट हरेश्वर वी स्वामी ने बताया एसीपी ऑपरेशन की देखरेख में स्पेशल स्टाफ के इंचार्ज इंस्पेक्टर राजेश मौर्य और साइबर थाना के SHO विकास बुलडक, सब इंस्पेक्टर संजीत राणा, नरेश अहलावत की टीम ने मीनाक्षी गार्डन, अजय एंक्लेव और कीर्ति नगर इलाके में छापेमारी की थी।
फ्रॉड करने के लिए करते थे डिजिटल डिवाइस
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में कॉल सेंटर का ओनर तरनजीत सिंह उर्फ जैज, बैंकर बताने वाला मनमोहन, मास्टरमाइंड गुरविंदर सिंह उर्फ हैरी, मैनेजर सुनीत कपूर उर्फ जेम्स समेत 23 लोग पकड़े गए। यह लोग डिजिटल डिवाइस का इस्तेमाल करते थे फ्रॉड करने के लिए। अलग-अलग एप्लीकेशन जैसे गूगल वॉइस, ई-बीम, माइक्रो सीप और अल्ट्रा व्यूवर का इस्तेमाल करते थे। साइबर चीटर से जो गाड़ियां बरामद की गई है, उसमें थार और ग्रैंड विटारा भी शामिल है।
विदेशी नागरिकों को टार्गेट करते थे आरोपी
पुलिस ने बताया कि गैंग ऑर्गेनाइज तरीके से चल रहा था। अलग-अलग लोकेशन पर रेजिडेंशल इलाके में श्री बेएचके फ्लैट लेकर कॉल सेंटर चलाए जा रहे थे। यह लोग यूरोपियन कंट्री, यूएसए, कनाडा के नागरिकों को मुख्य रूप से टारगेट किया करते थे। संपर्क करने के लिए यह लोग वीओआईपी बेस्ट कॉलिंग का इस्तेमाल करते थे। लगभग 2 महीने से गैंग गोरखधंधा चला रहा था।
