जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्र संघ चुनाव की मांग पर आंदोलन तेज हो गया है। पॉलिटिकल साइंस और इकॉनमिक्स फैकल्टी में JMISU के बैनर लगाए गए हैं, वहीं 13 दिनों से भूख हड़ताल कर रहे छात्रों ने चुनाव की तारीख घोषित होने तक प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान किया है।

13 दिन से जारी भूख हड़ताल
जामिया परिसर में छात्र संघ चुनाव का मुद्दा लगातार गरमाता जा रहा है। प्रदर्शनकारी छात्र लंबे समय से चुनाव नहीं कराए जाने पर सवाल उठा रहे हैं। छात्रों के मुताबिक, विश्वविद्यालय प्रशासन ने चुनाव कराने की मांग पर सहमति जताई है, लेकिन केवल आश्वासन से आंदोलन खत्म नहीं होगा। वे चाहते हैं कि चुनाव की तारीख स्पष्ट रूप से घोषित की जाए, ताकि प्रक्रिया आगे बढ़ने को लेकर स्थिति साफ हो सके। इसी मांग को लेकर छात्र पिछले 13 दिनों से भूख हड़ताल कर रहे हैं।
- प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मुख्य मांग पूरी करने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाया जाता, वे पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। पॉलिटिकल साइंस और इकॉनमिक्स फैकल्टी में लगाए गए JMISU के बैनर भी इसी आंदोलन का हिस्सा हैं।
प्रदर्शन स्थल से टेंट हटाने पर बढ़ा तनाव
छात्रों के मुताबिक, विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन के लिए लगाया गया टेंट प्रशासन की ओर से हटाया जा रहा है। इसे लेकर प्रदर्शनकारियों और प्रशासन के बीच तनाव बढ़ने की बात सामने आई है। छात्रों का आरोप है कि आंदोलन के दौरान उनके साथ सख्ती की जा रही है और प्रशासन का रवैया उनके प्रति कठोर है।
- प्रदर्शनकारी छात्रों ने बातचीत के दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन के सदस्यों पर मारपीट करने का भी आरोप लगाया है। उनका दावा है कि इस दौरान भूख हड़ताल कर रहे छात्रों और प्रदर्शन स्थल को निशाना बनाया गया।
यूनिवर्सिटी गेट पर ताला
प्रदर्शन के बीच विश्वविद्यालय के गेट पर ताला लगाए जाने की बात भी सामने आई है। इससे परिसर में सामान्य गतिविधियों और छात्रों की आवाजाही को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसके अलावा, कक्षाओं को ऑनलाइन मोड में स्थानांतरित किए जाने की बात कही जा रही है। ऐसे में आंदोलन का असर शैक्षणिक गतिविधियों पर पड़ने की आशंका है। हालांकि, ऑनलाइन कक्षाओं को लेकर प्रशासन की ओर से जारी किसी आधिकारिक आदेश की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
बाहरी लोगों पर लगाया अराजकता फैलाने का आरोप
दूसरी ओर, विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि कुछ बाहरी लोग परिसर में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। इस दावे और प्रदर्शनकारी छात्रों के आरोपों के बीच विवाद बढ़ता दिखाई दे रहा है। जहां छात्र चुनाव की तारीख घोषित करने और अपने प्रदर्शन के अधिकार की मांग कर रहे हैं, वहीं प्रशासन की चिंता परिसर में व्यवस्था बनाए रखने को लेकर बताई जा रही है।
