उत्तर-पश्चिम दिल्ली के आज़ादपुर इलाके में मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) की तैयारी कर रही 20 वर्षीय छात्रा ने कथित तौर पर खुदकुशी कर ली। परिजनों का दावा है कि NEET परीक्षा रद्द होने से वह मानसिक तनाव में थी।

कोई सुसाइड नोट नहीं मिला
अधिकारी ने कहा, ‘पीड़ित नीट अभ्यर्थी थी। हम इस बात की जांच कर रहे हैं कि उसने यह कदम क्यों उठाया। जांच के दौरान कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।’ राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने पेपर लीक के आरोपों के बीच मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए तीन मई को आयोजित राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) मंगलवार को रद्द कर दी। पुनर्परीक्षा 21 जून को निर्धारित की गई है।
पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लिया
पुलिस ने बताया कि गुरुवार को आदर्श नगर थाने को जानकारी दी गई कि एक लड़की का शव पुलिस को बिना सूचना दिए केवल पार्क श्मशान घाट में अंतिम संस्कार के लिए लाया गया है। अधिकारी ने बताया कि पुलिस की एक टीम तुरंत मौके पर पहुंची और मृतक की पहचान की, जो आजादपुर के लाल बाग की निवासी थी। पुलिस ने तुरंत शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए उसे बाबू जगजीवन राम मेमोरियल अस्पताल भेज दिया।अधिकारी ने बताया कि अपराध दल और फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला के अधिकारियों ने भी घटनास्थल का मुआयना किया और घर से सबूत इकट्ठा किए।
पुलिस को कैसे पता चला ये मामला?
- श्मशान घाट के पुजारी रिंकू शर्मा ने पत्रकारों को बताया, ‘गुरुवार शाम को परिवार के सदस्य एक युवती के अंतिम संस्कार के लिए हमारे पास आए। जब मैंने उनसे मृत्यु का कारण पूछा, तो उन्होंने बताया कि वह पिछले कुछ दिनों से बीमार थी और इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।’ उन्होंने कहा, ‘जब मैंने मृतक का आधार कार्ड और अस्पताल के रिकॉर्ड मांगे, तो उन्होंने आधार कार्ड तो दिखाया लेकिन कोई भी मेडिकल दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा सके, जिससे संदेह पैदा हुआ।’
- शर्मा ने कहा, ‘जब मैंने शव की जांच की, तो मुझे गर्दन के आसपास एक निशान दिखाई दिया जो संदिग्ध लग रहा था। कुछ गड़बड़ महसूस करते हुए, मैंने पुलिस को सूचना दी।’
- मृतका के मामा ने दावा किया कि नीट यूजी 2026 के रद्द होने के बाद से युवती तनाव में थी।
- उन्होंने शवगृह के बाहर पत्रकारों को बताया, ‘वह एक होशियार छात्रा थी और पिछले कुछ वर्षों से नीट की तैयारी कर रही थी। उसके माता-पिता ने मुझे बताया कि मंगलवार को परीक्षा रद्द होने के बाद वह परेशान थी। घटना के समय वह घर पर अकेली थी, क्योंकि उसके माता-पिता काम पर बाहर गए हुए थे।’
- उन्होंने कहा, ‘हमें संदेह है कि नीट परीक्षा को अचानक रद्द करने के फैसले ने उसे यह कदम उठाने के लिए मजबूर किया होगा।’ उसके मामा ने यह भी बताया कि उसका सपना डॉक्टर बनने था और उसके माता-पिता ने उसकी पढ़ाई के लिए हर संभव सहायता सुनिश्चित की थी। उन्होंने कहा, ‘जब वह पांचवीं कक्षा में थी तभी से उसका सपना डॉक्टर बनने था, और आठवीं कक्षा में पहुंचने के बाद उसने तैयारी शुरू कर दी थी।’
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