दिल्ली में ज्यादा बारिश के बावजूद भी यमुना के प्रदूषण में बड़ा सुधार नहीं हुआ है। DPCC की नई रिपोर्ट के अनुसार सिर्फ पल्ला इलाके में पानी का ऑक्सीजन स्तर तय मानकों के अनुसार मिला, जबकि बाकी जगहों पर प्रदूषण अब भी चिंता का विषय बना हुआ है।

रिपोर्ट के अनुसार 8 जगहों में से सिर्फ पल्ला में पानी में घुली ऑक्सीजन (DO) का स्तर मानकों के हिसाब से मिला है। यहां DO का लेवल 5.2 mg प्रति लीटर रिकॉर्ड किया गया, जबकि मानकों के अनुसार यह 5 mg प्रति लीटर या उससे अधिक होना चाहिए। मार्च 2026 में किसी भी जगह DO लेवल मानकों के हिसाब से नहीं था। उस समय पल्ला में इसका स्तर 4 mg प्रति लीटर था।
यहां ऑक्सीजन लेवल सही
यमुना में पल्ला पर बायोलॉजिकल ऑक्सीजन डिमांड (BOD) 3 mg प्रति लीटर रही, जो मानकों के अनुरूप है। BOD का स्तर 3 mg प्रति लीटर या उससे कम होना चाहिए। अन्य जगहों पर BOD का स्तर 5 से 58 mg प्रति लीटर के बीच रिकॉर्ड किया गया। मार्च 2026 में पल्ला पर BOD का स्तर 2 mg प्रति लीटर था। यानी यहां BOD लेवल में हल्की बढ़ोतरी हुई है। उस समय अन्य जगहों पर इसका स्तर 4 से 60 mg प्रति लीटर के बीच था।

