दिल्ली का बेहद शातिर गैंगस्टर रोहित चौधरी आखिरकार पुलिस की गिरफ्त में आ ही गया। वह फर्जी दस्तावेजों को जरिए विदेश भागने की तैयारी कर रहा था, लेकिन उसके मंबूसे पूरे होने से पहले ही पुलिस ने उसे अरेस्ट कर लिया। रोहित पर हत्या, लूट, फिरौती और सट्टेबाजी जैसे बेहद संगीन आरोप हैं। पुलिस के मुताबिक उसने अपने इन काले कारोबारों से अकूल संपत्ति हासिल की है।

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, क्राइम ब्रांच ने 9 अक्टूबर 2020 को महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एक्ट (MCOCA) लगाया था। पुलिस का दावा है कि रोहित गैंग का मास्टरमाइंड है। इसका गैंग हत्या, रंगदारी, फिरौती, जमीनों पर कब्जे, लूट, डकैती और सट्टे के कारोबार में लिप्त है। पुलिस का दावा था कि रोहित ने अकूत प्रॉपर्टी और पैसा बनाया है। पुलिस का दावा है कि डीयू से ग्रैजुएट रोहित पर पहला मुकदमा 2011 में सफदरजंग थाने में दर्ज हुआ था। इस पर चार मर्डर समेत 15 कैस रहे। क्राइम ब्रांच इसे 25 मार्च 2021 को प्रगति मैदान के करीब एनकाउंटर में गिरफ्तार किया था।
गैंगस्टर रोहित पर था 4 लाख का इनाम
फतेहपुर बेरी थाने के घोषित बदमाश रोहित पर चार लाख तक का इनाम था । इसे मार्च-अप्रैल 2025 में मकोका और मर्डर के केसों में जमानत मिल गई। यह जेल से बाहर था। आया नगर में डेरी संचालक रतन लोहिया (52) की 30 नवंबर 2025 में सनसनीखेज मर्डर हुआ था। क्राइम ब्रांच का दावा था कि गांव के दो परिवारों के बीच चल रही एक हजार गज प्लॉट के झगड़े में रतन समेत दो मर्डर हुए। एक परिवार को रोहित सपोर्ट कर रहा था। पुलिस अफसरों का कहना था कि तब से वह विदेश भागने की फिराक में था। उस पर निगरानी रखी जा रही थी, जिसे शुक्रवार को अरेस्ट कर लिया गया।
पुलिस की दर्ज एफआईआर में ये आरोप
स्पेशल सेल की काउंटर इंटेलिजेंस यूनिट की तरफ से 4 दिसंबर 2025 को दर्ज एफआईआर के मुताबिक, रोहित के नाम से फर्जी दस्तावेजों के जरिए पासपोर्ट पलवल के बेला हसनपुर के एड्रेस पर 24 अप्रैल 2019 को बना। इसके जरिए वह अगस्त 2025 दुबई ट्रैवल कर चुका है। फर्जीवाड़ा, जालसाजी और आपराधिक साजिश के अलावा पासपोर्ट एक्ट की धाराएं लगाई गई हैं।
साल 2019 का, दिसंबर 2025 को FIR
रोहित चौधरी के वकील ललित वलेचा का कहना है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बने पासपोर्ट के आरोप 2019 के हैं। स्पेशल सेल ने इस मामले में दिसंबर 2025 में केस दर्ज किया। सवाल ये है कि आखिर स्पेशल सेल इतने सालों तक चुप क्यों रही? फिलहाल वह सभी केसों में जमानत पर था और पत्नी के फोन पर कॉल पर बुलाया गया, जिसके बाद गिरफ्तारी दिखा दी गई।

