Delhi Crime News: दिल्ली में 24 घंटे के भीतर हुई दो अलग-अलग फायरिंग की घटनाओं में 6 और 12 साल के दो बच्चे गोली लगने से घायल हो गए। न्यू उस्मानपुर मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर हथियार बरामद किया है, जबकि दोनों मामलों की जांच जारी है।
दिल्ली के करतार नगर में गोलीबारी की एक घटना
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में बदमाशों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि उनकी गोलियों से अब मासूम बच्चे भी सुरक्षित नहीं हैं। उत्तर-पूर्वी दिल्ली में 24 घंटे के भीतर सामने आई दो अलग-अलग फायरिंग की घटनाओं में 6 और 12 साल के दो बच्चे गोली लगने से घायल हो गए। करतार नगर में ट्यूशन से लौट रहा एक मासूम फायरिंग की चपेट में आ गया, जबकि न्यू उस्मानपुर में बदमाशों की गोलीबारी के दौरान एक 12 वर्षीय लड़के के पैर में गोली लग गई। दोनों घटनाओं ने राजधानी की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
न्यू उस्मानपुर में राह चलते बच्चे को लगी गोली
दिल्ली पुलिस के अनुसार, रविवार शाम न्यू उस्मानपुर के चौथा पुश्ता इलाके में कैटरर धर्मेंद्र (43 वर्ष) के घर के सामने तीन लोगों ने फायरिंग की थी। इसी दौरान वहां से गुजर रहा 12 वर्षीय लड़का गोली की चपेट में आ गया। घायल बच्चे को तुरंत जेपीसी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
फोरेंसिक जांच के बाद दो आरोपी गिरफ्तार
वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल से सबूत जुटाने के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। नाकेबंदी और छापेमारी के दौरान प्रांकुर (29) और हर्ष (22) को गिरफ्तार कर लिया गया। उनके कब्जे से एक देसी राइफल भी बरामद हुई है।
ट्यूशन से लौटते वक्त घायल हुआ 6 साल का बच्चा
उधर करतार नगर इलाके में हुई फायरिंग में 6 साल का एक बच्चा घायल हो गया था। बच्चे की मां रूबी ने बताया कि उनका बेटा ट्यूशन से घर लौट रहा था, तभी दो पक्षों के बीच झड़प और फायरिंग शुरू हो गई। गोली बच्चे के पैर में लगी। उन्होंने कहा कि परिवार का किसी से कोई विवाद नहीं है और उनका बेटा बेवजह हिंसा का शिकार हो गया।
फरार बदमाशों की तलाश जारी
पुलिस का कहना है कि न्यू उस्मानपुर फायरिंग मामले में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। वहीं करतार नगर फायरिंग मामले की भी जांच जारी है। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने राजधानी में आम लोगों, खासकर बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
लेखक के बारे मेंअशोक उपाध्यायअशोक उपाध्याय, नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में सीनियर डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क पर काम करने का 12 साल का अनुभव। साल 2014 में नवभारत टाइम्स हिंदी अखबार से पत्रकारिता के सफर की शुरुआत की थी। पॉलिटिक्स और क्राइम बीट पर रिपोर्टिंग का काफी अनुभव है। अमर उजाला देहरादून में भी सेंट्रल डेस्क पर काम किया है। साथ ही कई चुनावों में ग्राउंड रिपोर्टिंग की है। पिछले 6 साल से NBT डिजिटल में न्यूज डेस्क पर काम कर रहे हैं। गूगल ट्रेंड्स को पकड़ने की अच्छी समझ है।
विशेषज्ञता- राजनीति, क्राइम की खबरों पर अच्छी पकड़ के साथ करंट अफेयर्स और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अच्छा खासा अनुभव है। करंट टॉपिक पर विश्लेषण और ओपिनियन लिखने में खास रुचि है।
पत्रकारिता अनुभव: प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 12 साल से कार्यरत हैं।
JIMMC नोएडा से साल 2013 में पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इससे पहले साल 2010 में एमएमएच कॉलेज गाजियाबाद (सीसीएस यूनिवर्सिटी मेरठ) से राजनीतिक शास्त्र में मास्टर डिग्री हासिल की। लोक प्रशासन विषय पर खास पकड़ है। पत्रकारिता से पहले यूपीएससी और उत्तराखंड और यूपी पीसीएस एग्जाम की तैयारी के दौरान समाजशास्त्र, संविधान समेत कई विषयों का अध्ययन किया। संवेदनशील मुद्दों पर लिखने की खास कला है। महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर कई मार्मिक लेख लिखे हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए लोगों की समस्याओं के समाधान का प्रयास किया है, कई बार सफलता भी मिली है। पत्रकारिता में आगे और बेहतर सीखने और समझने का क्रम जारी है।… और पढ़ें