दिल्ली भाजपा के पुराने कार्यकर्ताओं ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष Virendra Sachdeva के कार्यकाल की खुलकर सराहना की है। उनका कहना है कि सचदेवा ने ऐसे समय में संगठन में नई जान फूंकी, जब दिल्ली की राजनीति में भाजपा को आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के मजबूत प्रभाव का सामना करना पड़ रहा था। कार्यकर्ताओं का दावा है कि उनकी जमीनी स्तर की मेहनत और संगठन को मजबूत करने की रणनीति ने पार्टी के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यकर्ताओं के अनुसार, प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए वीरेंद्र सचदेवा ने बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने, कार्यकर्ताओं को जोड़ने और जनता के बीच पार्टी की पहुंच बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने स्थानीय समस्याओं को प्रमुखता से उठाया और आम लोगों से सीधा संवाद स्थापित करने का प्रयास किया। पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का मानना है कि इन्हीं प्रयासों से दिल्ली के लोगों में भाजपा के प्रति भरोसा बढ़ा और संगठन को नई मजबूती मिली।
पुराने कार्यकर्ताओं का कहना है कि सचदेवा ने केवल राजनीतिक गतिविधियों तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि लगातार जनसंपर्क अभियानों के माध्यम से लोगों के बीच मौजूद रहे। इससे भाजपा को जमीनी स्तर पर मजबूत आधार तैयार करने में मदद मिली और कार्यकर्ताओं का मनोबल भी बढ़ा।
अब दिल्ली भाजपा की कमान केंद्रीय मंत्री Harsh Malhotra के हाथों में है। ऐसे में पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच उत्साह तो है, लेकिन साथ ही यह सवाल भी चर्चा में है कि क्या हर्ष मल्होत्रा संगठन को उसी गति से आगे बढ़ा पाएंगे, जिस तरह वीरेंद्र सचदेवा ने उसे नई ऊर्जा दी थी।
कार्यकर्ताओं को उम्मीद है कि हर्ष मल्होत्रा के नेतृत्व में संगठन और अधिक मजबूत होगा तथा मुख्यमंत्री Rekha Gupta के नेतृत्व वाली सरकार जनता से किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाएगी। उनका मानना है कि आने वाले समय में भाजपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना और विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाना होगी।
