दिल्ली की तुगलकाबाद विधानसभा सीट में सर्वाधिक नाम हटे हैं। यहां 1,92,419 वोटर्स हैं। इनमें 1,00,345 वोटर्स के नाम ड्राफ्ट रोल में हैं, जबकि 92,074 वोटर्स के नाम लिस्ट में नहीं हैं। अगर 2025 विधानसभा चुनाव पर नजर डालें तो 2,04,802 वोटर्स में से 1,14,402 ने मतदान किया था। यहां पिछले साल वोट डालने वालों की संख्या के बराबर लोगों के नाम तक नहीं जुड़े हैं। इसी तरह ओखला में 3,62,813 वोटर्स में से 1,96,362 के नाम लिस्ट में हैं, जबकि 1,64,451 के नाम कट गए हैं। विधानसभा चुनाव में ओखला में 2,08,918 लोगों ने वोट डाला था। यहां भी उतने वोटर ड्राफ्ट रोल में नहीं आए हैं, जितने ने वोट किया था। तीसरे नंबर पर आरके पुरम विधानसभा क्षेत्र है। यहां 1,30,161 वोटर्स में से 57,874 के नाम हटे हैं। आरके पुरम सीट में पिछले विधानसभा चुनाव में 140736 में से 75954 वोटर्स ने वोट डाले थे। वही 72,287 वोटर्स के नाम ड्राफ्ट रोल में हैं, जबकि चुनाव में इससे अधिक ने वोट डाले थे। कस्तूरबा नगर विधानसभा सीट चौथे नंबर पर है। के नाम बचे हैं, जबकि 60,486 के नाम बाहर हुए हैं।
इन सीटों पर हटे हैं सबसे ज्यादा नाम
SIR ड्राफ्ट रोल से नेताओं की धड़कनें बढ़ गई हैं! कई अहम सीटों पर वोटर्स के घटने से रजिस्टर्ड और बचे वोटर्स के बीच बड़ा अंतर आ गया है। कालकाजी में 1,81,350 वोटरों में से 77,604 (42.79%) और नई दिल्ली में 89,683 में से 37,454 (41.76%) लोगों के नाम हटे हैं। बुराड़ी में 4,28,480 में से 1,68,670 (39.37%) लोगों के नाम हटे हैं, जबकि विकासपुरी में 1,46,511 और करावल नगर में 1,00,226 का अंतर है। जनकपुरी, विश्वास नगर, किराड़ी, शालीमार बाग और दिल्ली कैंट में 25% से 36% नाम लिस्ट से बाहर हैं। SIR के ड्राफ्ट रोल से जुड़ा कोई सवाल आपके मन में है तो सवाल के साथ SIR लिखकर हमें 9220747220 पर व्हाट्सएप करें, हम उसका जवाब एक्सपर्ट से लेकर छापेंगे।
‘EPIC नंबर डालकर और कैप्चा भरकर खोजा जा सकता है लिस्ट में नाम’
दिल्ली में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत जारी ड्राफ्ट रोल को लेकर हमें आपके सवाल बड़ी संख्या में मिल रहे हैं। NBT रीडर्स के लिए उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रशांत प्रसाद ने जवाब दिए हैं।
ड्राफ्ट लिस्ट (SIR) ऑनलाइन कहां देख सकते हैं? – NBT रीडर
मुख्य निर्वाचन अधिकारी दिल्ली की वेबसाइट CEO DELHI.GOV.IN पर जाकर ‘DRAFT ELECTORAL ROLL’ में अपना नाम देख सकते हैं। इसके अलावा वोटर हेल्पलाइन 1950 से भी मदद ली जा सकती है। EPIC नंबर डालकर और कैप्चा भरकर आसानी से नाम खोजा जा सकता है।
ड्राफ्ट लिस्ट में नाम नहीं है तो क्या कारण हो सकता है और नया नाम कैसे जुड़वाएं? – अरविंद द्विवेदी
नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 भरें। इसके लिए एक आईडी प्रूफ और एक एड्रेस प्रूफ देना होगा। हलफनामा भी देना होगा।
क्या वोटर लिस्ट से नाम कटने पर नागरिकता खत्म हो जाती है? – अनूप कुमार
नहीं, ऐसा कुछ नहीं होता।
एक ही एड्रेस पर दो सीनियर सिटीजन हैं। दोनों ही पति-पत्नी हैं। SIR के बाद दोनों के अलग-अलग पोलिंग बूथ जनरेट हुए हैं। किस नियम कायदे के साथ ऐसा हो सकता है? – कुमार हरिओम
पोलिंग स्टेशन के पुनर्गठन के कारण ऐसा हो सकता है। मौजूद इलेक्टोरल रोल की प्रविष्टियों में सुधार के लिए फॉर्म-8 भर सकते हैं।
वेस्ट दिल्ली से आए अब तक सबसे ज्यादा आवेदन
दिल्ली में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत वोटर लिस्ट में अपना नाम जोड़ने के लिए लोग आगे आए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) ऑफिस के डेटा के मुताबिक, 1 सितंबर तक वोटर लिस्ट में नया नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 के तहत कुल 2,18,139 एप्लिकेशन मिल चुकी हैं। 31 अगस्त को 2,14,534 लोगों ने फॉर्म 6 के जरिए आवेदन किया था। जबकि 1 सितंबर को 3,605 और नए एप्लिकेशंस सबमिट हुए।
31 अगस्त को 2,14,534 लोगों ने फॉर्म 6 के जरिए आवेदन किया
वेस्ट दिल्ली से सर्वाधिक एप्लिकेशन आए हैं। डिस्ट्रिक्ट लेवल पर नए वोटर बनने के मामले में वेस्ट दिल्ली सबसे आगे चल रहा है। वेस्ट दिल्ली से 31 अगस्त तक 29,073 एप्लिकेशन आई थीं और 1 सितंबर को भी सबसे ज्यादा 457 नए फॉर्म यही जमा हुए। इसके अलावा साउथ-ईस्ट दिल्ली से 25,121, नॉर्थ-ईस्ट से 24,685, नॉर्थ-वेस्ट से 21,836 और ईस्ट दिल्ली से 21,444 एप्लिकेशन मिली हैं। फॉर्म-6 के 2.18 लाख से ज्यादा एप्लिकेशन बिल्कुल नए वोटर्स के हैं।
करेक्शन और नाम हटवाने के भी मामले
वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने के अलावा करेक्शन और नाम कटवाने के लिए भी बड़ी संख्या में एप्लिकेशंस आई हैं। वोटर लिस्ट से नाम हटाने या ऑब्जेक्शन दर्ज कराने वाले फॉर्म-7 के तहत 31 अगस्त तक 51,482 एप्लिकेशन आए थे, जबकि 1 सितंबर को 40 नए फॉर्म मिले। वहीं एड्रेस या डिटेल्स में करेक्शन कराने वाले फॉर्म-8 के तहत 31 अगस्त तक 2,61,935 और 1 सितंबर को 1,866 एप्लिकेशंस सबमिट हुए। हालांकि फॉर्म-8 का नंबर काफी ज्यादा है।
